Bihar News: बिहार के ईंट-भट्ठा कारोबारियों के पुराने बकाये के निपटारे के लिए सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। योजना के तहत कारोबारी 20 दिसंबर तक बकाये की मूल राशि एकमुश्त जमा कर ब्याज माफी का लाभ उठा सकते हैं। मूल राजस्व राशि जमा होने के बाद संबंधित नीलाम पत्र वाद का निपटारा किया जा सकेगा।
खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार, राज्य के 38 जिलों में वित्तीय वर्ष 2024-25 तक ईंट-भट्ठों पर 226.40 करोड़ रुपये राजस्व बकाया था। इस राशि पर 90.26 करोड़ रुपये जुर्माना और ब्याज लगाया गया, जिससे कुल बकाया बढ़कर 316.66 करोड़ रुपये हो गया।
विभाग के मुताबिक, नीलाम पत्र वाद और प्राथमिकी के माध्यम से अब तक 27.28 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। इसके बाद भी 289.38 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसी बकाये के निपटारे के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू की गई है।
योजना के तहत नीलाम पत्र वाद में दर्ज कुल बकाये में से ब्याज की राशि को हटाकर शेष मूल रकम जमा करनी होगी। संबंधित कारोबारी द्वारा राशि जमा किए जाने के बाद खान एवं भूतत्व विभाग नीलाम पत्र पदाधिकारी को लिखित रूप से सूचित करेगा कि अब कोई मांग बकाया नहीं है। इसके आधार पर नीलाम पत्र पदाधिकारी संबंधित वाद का निपटारा कर सकेंगे। यानी योजना का लाभ लेने वाले कारोबारियों को मूल बकाया चुकाने के बाद ब्याज की राशि से राहत मिलेगी।
विभाग ने बताया कि पुराने बकाये पर लगातार बढ़ रही ब्याज की राशि और बकायेदार ईंट-भट्ठा कारोबारियों को हो रही परेशानी को देखते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू की गई है। कारोबारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर मूल बकाया जमा कर योजना का लाभ लेने का मौका दिया गया है।