Bihar Tender Scam: टेंडर घोटाले के आरोपी बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के अधिकारी और भवन निर्माण विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव मुमुक्षु कुमार चौधरी को सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को निलंबित कर दिया है। वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। विभाग ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत उनकी गिरफ्तारी की तिथि से अगले आदेश तक निलंबन का आदेश जारी किया है।
मुमुक्षु कुमार चौधरी के खिलाफ रिश्वतखोरी, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और पद के दुरुपयोग के आरोप में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने 25 नवंबर 2024 को विशेष निगरानी थाना में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद इस वर्ष 11 जून को उन्हें दो अन्य आरोपियों के साथ विशेष निगरानी अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया।
विशेष निगरानी इकाई की जांच में सामने आया कि सीतामढ़ी में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) के निदेशक के रूप में पदस्थापना के दौरान कथित टेंडर घोटाले के मुख्य आरोपी ने उन्हें नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाने में मदद की थी। आरोप है कि बाद में सहरसा के नगर आयुक्त रहते हुए भी उन्होंने टेंडर से जुड़े मामलों में उसी आरोपी के पक्ष में निर्णय लिए।
मुमुक्षु कुमार चौधरी वर्ष 1991 में बिहार सरकार की सेवा में शामिल हुए थे। अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने कई जिलों में वरीय उप समाहर्ता समेत विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। फिलहाल टेंडर घोटाले से जुड़े मामले में उनके खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।