पटना: नीट पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना में जमकर हंगामा देखने को मिला। शनिवार को डाक बंगला चौराहा छात्र संगठनों के प्रदर्शन का केंद्र बन गया। भारी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता यहां जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब आंदोलन कर रहे कुछ लोगों की ओर से पुलिस टीम पर पथराव किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की।

पुलिस पर पथराव का आरोप, कई लोग हिरासत में

पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी संख्या कितनी थी।

एसएसपी ने बताया कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि प्रदर्शनकारियों के पास पत्थर कहां से आए और इसके पीछे किसी तरह की योजना तो नहीं थी। उन्होंने कहा कि फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों पर सरकारी काम में बाधा डालने और तोड़फोड़ जैसे आरोपों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

बाहरी तत्वों की भूमिका की भी जांच

पटना पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन में बाहरी तत्वों की मौजूदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों में से कितने छात्र संगठन से जुड़े थे और क्या किसी अन्य समूह ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। एसएसपी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डाक बंगला चौराहे पर बढ़ाई गई सुरक्षा

बिहार बंद को देखते हुए पटना पुलिस ने पहले से ही कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा रखी थी। डाक बंगला चौराहा, गांधी मैदान और अन्य प्रमुख स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जमा होने के बाद कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर बाद मामला उग्र हो गया।

छात्र संगठनों ने बुलाया था बिहार बंद

बता दें कि नीट पेपर लीक मामले, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में कई छात्र संगठनों ने बिहार बंद का आह्वान किया था। बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में सड़क जाम, प्रदर्शन और नारेबाजी की खबरें सामने आईं। राजधानी पटना में बंद का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। डाक बंगला चौराहा समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटी रही। पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

पटना पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस अब हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में जुटी है। एसएसपी के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि पथराव की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश या बाहरी तत्वों की भूमिका थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की निगरानी कर रही है और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।