Bihar Bandh : नीट पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को बिहार बंद का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिला। छात्र संगठनों के आह्वान पर बुलाए गए इस बंद के दौरान जगह-जगह प्रदर्शन, सड़क जाम और नारेबाजी की स्थिति बनी रही। राजधानी पटना समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
बिहार बंद को लेकर सुबह से ही छात्र संगठन और उनके समर्थक कार्यकर्ता सक्रिय नजर आए। पटना के प्रमुख इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर यातायात प्रभावित किया। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की थी।
तेज प्रताप यादव को पुलिस ने लिया हिरासत में
बिहार बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। तेज प्रताप यादव अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए थे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उन्हें हिरासत में लिया और आगे की कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई। तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार पर छात्र हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक जैसे मामलों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पटना के डाक बंगला चौराहे पर जमकर प्रदर्शन
राजधानी पटना में बिहार बंद का सबसे ज्यादा असर डाक बंगला चौराहे पर देखने को मिला। यहां बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता जुटे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पथराव किया, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।पटना के एसएसपी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की।
जिलों में भी दिखा बंद का असर
बिहार बंद का असर पटना के अलावा राज्य के कई जिलों में देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर सड़क जाम किया और वाहनों की आवाजाही को प्रभावित किया। कुछ स्थानों पर बाजार भी बंद रहे। छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में गड़बड़ी से छात्रों का भरोसा टूटा है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
सरकार और प्रशासन की नजर आंदोलन पर
बिहार बंद को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से लगातार प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई। वहीं, छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
छात्रों की मुख्य मांगें
बिहार बंद के पीछे छात्र संगठनों की कई प्रमुख मांगें हैं। इनमें नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की समीक्षा जैसी मांगें शामिल हैं।छात्र नेताओं का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता जरूरी है ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय न हो।फिलहाल बिहार बंद को लेकर पूरे राज्य में प्रशासन नजर बनाए हुए है। कई इलाकों में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, जबकि कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति देखने को मिली। आने वाले समय में छात्र संगठनों की रणनीति और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।