Bihar Band Today: बिहार में आज यानी 25 जुलाई को छात्र संगठन आइसा (AISA) के आह्वान पर बिहार बंद का आयोजन किया गया है। इस बंद को महागठबंधन के कई दलों ने समर्थन दिया है, जिसके चलते राज्य के कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी पटना समेत संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बंद के दौरान आम लोगों को आवाजाही में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
महागठबंधन के दलों का मिला समर्थन
आइसा द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को राष्ट्रीय जनता दल (राजद), वीआईपी, भाकपा-माले, माकपा और अन्य विपक्षी दलों का समर्थन मिला है। इन दलों का कहना है कि छात्रों की मांगों और हाल के घटनाक्रमों को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों को दबाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, विभिन्न संगठनों ने राज्यभर के लोगों से बंद का समर्थन करने की अपील भी की है।
पटना में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
बिहार बंद को देखते हुए राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अर्धसैनिक बलों की 14 कंपनियां तैनात की हैं।
इसके अलावा लगभग 300 प्रशिक्षु पुलिस जवान (PTC) और 500 अतिरिक्त होमगार्ड भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
नेहरू पथ, बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, गांधी मैदान और अशोक राजपथ जैसे प्रमुख इलाकों में फ्लैग मार्च भी कराया जा रहा है ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे।
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को चौबीसों घंटे हालात की निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उधर, पुलिस मुख्यालय की ओर से भी सभी जिलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान निर्दोष छात्रों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
पहले हुई हिंसा के बाद बढ़ी सतर्कता
हाल के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत की गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि यदि कोई सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
पुलिस के अनुसार अब तक हिंसा से जुड़े मामलों में कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और दर्जनों लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। प्रशासन का दावा है कि बाहरी तत्वों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा विरोध
बिहार बंद के बाद भी विभिन्न राजनीतिक दल और छात्र संगठन अपने कार्यक्रम जारी रखेंगे। भाकपा ने 27 जुलाई को राज्यभर के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। वहीं कांग्रेस ने भी परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में कैंडल मार्च आयोजित करने की घोषणा की है।
आम लोगों के लिए प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घर से निकलें, ट्रैफिक और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। पुलिस और प्रशासन लगातार पूरे राज्य की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि बिहार बंद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।