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04-Sep-2025 11:30 AM
By First Bihar
BIHAR BAND : बिहार में आज भाजपा के कार्यकर्त्ता सड़क पर उतरे हुए हैं। जहां एक तरफ भाजपा के तरफ से यह कहा जा रहा है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से बिहार बंद करवा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा के कार्यकर्त्ता सड़क पर उतरकर गुंडागर्दी पर उतर गए हैं। भाजपा के कार्यकर्त्ता यह तक सुनने को तैयार नहीं थे कि उनके संगठन के तरफ से किन लोगों के लिए छूट देने कि बात कह गई है। उल्टा वह महिला के साथ ही बदतमीजी करने को उतारू हो गए जबकि यह लोग महिला के सम्मान में सड़क पर उतरे हैं। आइए हम आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कि भाजपा के कार्यकर्त्ता कैसे गुंडागर्दी पर उतर गए हैं।
सबसे पहले हम आपको जहानाबाद की कहानी बताते हैं। जहां महिला टीचर सुबह-सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली तभी भाजपा के कार्यकर्ता उसको रोक दिए उसके बाद महिला शिक्षक ने उनसे कहा कि आपकी संगठन ने हमलोगों को छूट देने कि बात कही है और शांत तरीके से बंद करवाने को कहा है। इसी कड़ी में भाजपा के कुछ कार्यकर्त्ता आए और महिला टीचर से हाथापाई शुरू कर दिया।



अब दूसरी कहानी पटना के इनकम टैक्स चौराहे की बताता हूं जहां एक पुलिसकर्मी अपने दफ्तर जाने के लिए सड़क पर आए तो भाजपा के महामंत्री राकेश कुमार ने उन्हें रोक लिया। उसके बाद पुलिसकर्मी ने बताया कि वह ऑफिस जा रहे हैं और वह पुलिस विभाग में काम करते हैं। इसके बाद महामंत्री राकेश कुमार ने पुलिसकर्मी का आई कार्ड भी माँगा और जब दिया गया तो उन्होंने उसे फेंक डाला और आगे बढ़ने से मना कर दिया और उन कि गाड़ी के आगे लेट गए। इतना ही नहीं राकेश कुमार ने यह तक कहा कि हमने तुमको कहा है कि जाने नहीं मिलेगा।
अब तीसरी घटना भी पटना से जुड़ीं हुई है जहां कुछ पत्रकार उनकी खबर को कवर करने जा रहे थे तभी भाजपा के कार्यकर्त्ता और प्रदेश महामंत्री राकेश कुमार ने उनकी गाड़ी को रोक दिया उसके बाद पत्रकार की टीम ने उन्हें यह बताया कि वह लोग खबर करने आए हैं और उन्हें जाने दिया जाए लेकिन वह अपनी जिद्द पर बने रहे हैं और उसके बाद जब पत्रकारों ने इसका वीडियो बनाने की बात कही तो उल्टा धमकी तक देने लगे। यह राकेश कुमार भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने काफी करीबी बताए जाते हैं ऐसे में शायद उन्हें यह लगता है कि उनके ऊपर कोई एक्शन होगा नहीं। सोचने वाली बात यह है कि राकेश कुमार पहले पूर्णिया के जिला महामंत्री व जिला अध्यक्ष हुआ करते थे और अब वहां से सीधे प्रदेश के महामंत्री बन गए हैं।
इसके बाद चौथी घटना कि बात करते हैं जब पटना में एक गर्भवती महिला हॉस्पिटल जाने के लिए घर से निकली तो उन्हें रोक दिया गया और वह रूक भी गई लेकिन उसके बाद उनकी तबियत बिगड़ने लगी तो उन्होंने हाथ जोड़कर यह निवेदन किया कि उन्हें जाने दिया जाए। लेकिन भाजपा के नेता उल्टा यह कहने लगे की महिला नौटंकी कर रही है और उसके बाइक कि चाभी निकाल लिया। इतना ही नहीं भाजपा कि महिला कार्यकर्त्ता ने उनके साथ बातचीत करने के दौरान भी बदतमीजी करना शुरू कर दिया।
इधर पांचवी घटना मुजफ्फरपुर का है जहां भाजपा बिहार बंद के दौरान मुजफ्फरपुर में समर्थकों और RAF जवानों के बीच विवाद हो गया। NH-27 घंटों जाम रहा और दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। उसके बाद RAF (Rapid Action Force) के जवानों के बीच जमकर नोकझोंक और विवाद हुआ। इस विवाद के चलते नेशनल हाईवे-27 (NH-27) घंटों जाम रहा और सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
आपको बताते चलें कि, भाजपा कि पहचान एक संगठनात्मक पार्टी के रूप में हुई हैं। यहां संगठन का आदेश की सर्वमान्य होता है। यहां कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के दौरान सबसे पहले यह बताया जाता है कि आपका व्यवहार कैसा होना चाहिए। लेकिन जिस तरह से आज भाजपा कार्यकर्ताओं का व्यवहार दिखा है वह न सिर्फ भाजपा बल्कि संगठन पर भी सवाल खड़ाकर रहा है।