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05-Feb-2026 11:53 AM
By First Bihar
Bihar Vidhan Sabha: बिहार में सहायक निबंधक पद के संबंध में लंबे समय से अनसुलझी समस्या ने प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। आज इसको लेकर विधानसभा में विधायक संदीप सौरभ ने सवाल उठाया और कहा कि - इस पद के लिए स्वीकृति 13 अप्रैल 2018 को दी गई थी, और इसके बाद पदाधिकारी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हुआ है। बावजूद इसके अब तक इस मामले में गोल-मटोल जवाब ही मिलता रहा है और समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
संसदीय कार्यवाही के दौरान यह मुद्दा फिर से उठाया गया। विधायक संदीप सौरभ ने तारांकित प्रश्न के तहत कहा कि इस पद पर नियुक्ति प्रक्रिया अब तक क्यों पूरी हो चुकी है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि ऐसी स्थिति में आम लोग और सरकारी कामकाज किस तरह प्रभावित हो रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि विभागीय संकल्प संख्या 1339 दिनांक 13 अप्रैल 2018 के अनुसार, बिहार के सभी 101 अनुमंडलों में सहायक नियोजन सहयोग समिति का पद स्थापित किया गया था। इनमें से 54 अनुमंडलों में पहले से ही कार्य चल रहा था। लेकिन शेष अनुमंडलों के लिए महालेखाकार, बिहार पटना से निकासी और का प्राधिकरण पत्र प्राप्त नहीं होने के कारण यह कार्यालय वर्तमान में पूरी तरह कार्यशील नहीं हो पाया।
इस मुद्दे का प्रभाव केवल कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है। इससे सरकारी कामकाज, योजनाओं का क्रियान्वयन और आम जनता की समस्याओं का समाधान प्रभावित हो रहा है। बिहार में विभिन्न अनुमंडलों में सरकारी योजनाओं की समीक्षा और उनके निष्पादन के लिए सहायक निबंधक का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन वर्तमान स्थिति में यह पद अपेक्षित भूमिका नहीं निभा पा रहा है।
विधायकों ने यह भी कहा कि ऐसी अनिश्चितता से सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। लंबित मामलों और योजनाओं का क्रियान्वयन ठप हो जाने से आम जनता को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए मंत्री प्रमोद कुमार ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही विभागीय और प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
सरकारी दस्तावेजों और अधिकार पत्रों में देरी का यह मामला प्रशासनिक सुस्ती और प्रक्रियागत जटिलताओं को उजागर करता है। मंत्री ने यह भी कहा कि शेष अनुमंडलों में सहायक निबंधक पद को जल्द से जल्द कार्यशील बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे और सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाएगा।
इस संदर्भ में विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी तंत्र में ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न होने से योजनाओं और कर्मचारियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता है। बिहार सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाने और शेष अनुमंडलों में सहायक निबंधक पद को सक्रिय बनाने की प्रक्रिया शुरू की है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। सभी अनुमंडलों में सहायक निबंधक पद के सक्रिय होने से न केवल सरकारी योजनाओं का सुचारू संचालन संभव होगा, बल्कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान भी किया जा सकेगा।
मंत्री प्रमोद कुमार ने अंत में आश्वासन दिया कि विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे और जल्द ही शेष अनुमंडलों में सहायक निबंधक पद को पूरी तरह से कार्यशील बनाया जाएगा। यह कदम न केवल प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाएगा, बल्कि आम जनता के लिए भी राहत देने वाला साबित होगा। इस प्रकार, बिहार में सहायक निबंधक पद की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी, लेकिन अब स्पष्ट दिशा और प्रशासनिक संकल्प के साथ इसे शीघ्र सुलझाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।