Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर मंत्री विजय सिन्हा और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक कुमार सर्वजीत के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने सदन में तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए विपक्षी विधायकों से पूछा कि नेता प्रतिपक्ष आखिर कहाँ हैं? इसके जवाब में राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सदन में कुछ देर तक राजनीतिक तकरार का माहौल बना रहा।
सदन की कार्यवाही के दौरान कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि "सदन की गरिमा से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गायब हैं। तेजस्वी कहाँ हैं? कल सदन का अंतिम दिन है।" उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर उन्हें भी जवाब देना चाहिए।
इस पर राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने अपनी बात रखते हुए कहा कि "यहाँ गंभीर चर्चा हो रही है और हमारे अभिभावक विजय जी जानना चाहते हैं कि तेजस्वी जी कहाँ हैं। महोदय, जब बिहार में इतनी बड़ी वित्तीय संकट आई है, तब बिहार की जनता यह भी जानना चाहती है कि हमारे छोटे भाई निशांत कहाँ हैं। बिहार के लोग यह भी जानना चाहते हैं कि हमारे छोटे भाई निशांत कहाँ हैं।"
कुमार सर्वजीत के इस बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बन गया। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि "निशांत जी हमेशा सदन में रहे हैं।" इसके बाद कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने फिर अपनी बात रखते हुए कहा कि "जिनके बारे में यह जानना चाहते हैं, वे विधान परिषद में बैठे हैं।" इस पर कुमार सर्वजीत ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "कहाँ बैठे हैं? बुलाइए।"
इस पर विजय सिन्हा ने आगे कहा कि "देखिए, लोकतंत्र में बंधुआ मजदूर की भावना बंद हो जानी चाहिए। हर सदस्य को अपने नेता से उनकी जिम्मेदारी का आभास कराना चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। यह कहीं से भी शुभ का प्रतीक नहीं है। उन्हें सबको बताना चाहिए कि तेजस्वी कहाँ हैं? क्या वे बीमार हैं? या किसी पारिवारिक कारण से सदन से बाहर हैं?"
कृषि मंत्री के इस बयान के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्य अपनी सीटों से समर्थन में प्रतिक्रिया देते दिखाई दिए, जबकि विपक्ष की ओर से भी बीच-बीच में आपत्तियाँ दर्ज कराई जाती रहीं। सदन का माहौल कुछ समय तक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से गर्म रहा। विजय सिन्हा ने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति की सदन में उपस्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपने नेता की अनुपस्थिति के संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि सदन और जनता के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
वहीं, राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने अपने जवाब में सीधे तौर पर तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। उन्होंने अपनी बात को निशांत कुमार के संदर्भ तक ही सीमित रखा और उसके बाद अपनी बात समाप्त कर आगे बढ़ गए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित रखने का प्रयास किया और सदस्यों से विषय पर केंद्रित रहने की अपील भी की। हालांकि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर हुई नोकझोंक ने कुछ समय के लिए सदन का ध्यान मूल चर्चा से भटका दिया।
गौरतलब है कि मानसून सत्र के दौरान विभिन्न राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार तीखी बहस देखने को मिल रही है। गुरुवार को भी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर शुरू हुई चर्चा राजनीतिक तकरार में बदल गई। कृषि मंत्री विजय सिन्हा बार-बार यह सवाल उठाते रहे कि नेता प्रतिपक्ष सदन में क्यों मौजूद नहीं हैं और उनकी अनुपस्थिति का कारण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर कोई प्रत्यक्ष उत्तर देने के बजाय मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार का मुद्दा उठाया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक तीखी नोकझोंक चली, लेकिन अंततः सदन की कार्यवाही आगे बढ़ गई।