पटना: बिहार विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान पथ निर्माण विभाग से जुड़े एक सवाल पर मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र विपक्ष और सत्ता पक्ष के सवालों के घेरे में आ गए। भाजपा विधायक जितेश मिश्रा ने अपने क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सड़क को लेकर विभागीय जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग की ओर से जो उत्तर दिया गया है, वह स्पष्ट नहीं है और ऐसा लगता है कि सिर्फ मंत्री को संतुष्ट करने के लिए तैयार किया गया है।
विधायक जितेश मिश्रा ने सदन में कहा कि जिस सड़क को लेकर उन्होंने सवाल पूछा था, वह आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस सड़क के आसपास दो इंटर कॉलेज, एक बालिका उच्च विद्यालय, एक बालक उच्च विद्यालय, प्रखंड कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पावर ग्रिड जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हैं। इसके बावजूद विभाग की ओर से दिए गए जवाब में सड़क के विकास और चौड़ीकरण को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि इस सड़क की उपयोगिता को देखते हुए पहले भी विभागीय स्तर पर विजिबिलिटी रिपोर्ट मंगाई गई थी। लेकिन वर्तमान जवाब में सिर्फ इतना कहा गया है कि उक्त पथ को पथ निर्माण विभाग में हस्तांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है। विधायक ने सवाल उठाया कि आखिर यह कार्रवाई कब शुरू हुई, किस पत्रांक के माध्यम से ग्रामीण कार्य विभाग से जानकारी मांगी गई और सड़क हस्तांतरण की प्रक्रिया किस स्तर पर है, इसकी जानकारी उत्तर में नहीं दी गई है।
विभागीय जवाब पर उठाए सवाल
जितेश मिश्रा ने कहा कि विभाग के जवाब में यह भी बताया गया है कि सड़क हस्तांतरण के बाद तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी, लेकिन सड़क के चौड़ीकरण और निर्माण को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया है।
उन्होंने सदन में कहा कि जनता से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मामले में केवल प्रक्रिया का हवाला देना पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सड़क कब तक पथ निर्माण विभाग के अधीन आएगी और इसके विकास का काम कब शुरू होगा।
मंत्री ने दिया आश्वासन, लेकिन चुनाव का भी किया जिक्र
भाजपा विधायक के सवाल पर जवाब देते हुए पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने कहा कि वह खुद विधायक के क्षेत्र में एक महीने पहले गए थे। वहां कई योजनाओं का निरीक्षण किया गया था और विकास कार्यों को लेकर सरकार गंभीर है।
मंत्री ने कहा कि विधायक द्वारा उठाए गए सभी मुद्दे महत्वपूर्ण हैं और विभाग इस पर काम करेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि जवाब में पत्रांक और तिथि जैसी जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन सरकार सड़क निर्माण से जुड़े सभी मामलों को प्राथमिकता दे रही है। मंत्री ने सदन में कहा कि पथ निर्माण विभाग से जुड़े सभी विधायक सीधे उनके पास आकर भी अपनी समस्याएं बता सकते हैं, क्योंकि प्रश्नकाल में सभी सवालों का जवाब देने में काफी समय लग रहा है।
201 सवालों का दिया हवाला
मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने कहा कि इस बार पथ निर्माण विभाग से जुड़े करीब 201 सवाल आए हैं। उन्होंने कहा कि इतने अधिक सवालों के कारण विभागीय कामकाज का दबाव बढ़ गया है। उन्होंने सदन में यह भी कहा कि वर्तमान समय में राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव चल रहा है, जिसके कारण उन्हें चुनावी व्यस्तताओं के बीच विभाग को समय देने में थोड़ी परेशानी हो रही है। मंत्री ने हालांकि भरोसा दिलाया कि चुनावी व्यस्तता के बावजूद विधायकों के क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों को नहीं रोका जाएगा और सभी महत्वपूर्ण सड़कों पर सरकार कार्रवाई करेगी।
सदन में विकास कार्यों को लेकर बढ़ी चर्चा
पथ निर्माण विभाग से जुड़े इस मामले के बाद सदन में सड़क निर्माण, सड़क हस्तांतरण और विकास योजनाओं की गति को लेकर चर्चा तेज हो गई। विधायक लगातार मांग कर रहे हैं कि जिन सड़कों का उपयोग बड़ी संख्या में लोग करते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बेहतर बनाया जाए।
वहीं मंत्री के चुनावी व्यस्तता वाले बयान को लेकर भी राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। विपक्ष इसे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि चुनाव और प्रशासनिक जिम्मेदारियां साथ-साथ चलती हैं और विकास कार्यों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।