पटना: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से हो गई है। सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायकों और विधान पार्षदों ने विधानसभा परिसर में पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान आरजेडी नेताओं के हाथों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर लिखी हुई तख्तियां थीं और वे सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। नीट पेपर लीक मामले में विपक्ष के विधायकों ने पैदल मार्च किया। विधायकों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। नरेंद्र मोदी हाय-हाय, धर्मेंद्र प्रधान हाय-हाय के नारे लगाए जा रहे हैं।
विधानसभा परिसर में पहुंचे आरजेडी विधायक और विधान पार्षदों ने एकजुट होकर सरकार पर कई सवाल खड़े किए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया, जनहित के मुद्दों और सरकार की नीतियों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। आरजेडी नेताओं के हाथों में मौजूद तख्तियों पर "वोट चोरी", बेरोजगारी, महंगाई और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल लिखे हुए थे। इसके साथ ही बिहार विधानसभा परिसर में मॉब लिंचिंग के खिलाफ भी प्रदर्शन किया गया। पोस्टर में अल्पसंख्यक के खिलाफ मॉब लिंचिंग बंद करने की मांग की गई।
विधानसभा परिसर में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन
मानसून सत्र के पहले दिन आरजेडी का यह प्रदर्शन विपक्ष की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही आरजेडी नेताओं ने पैदल मार्च कर सरकार को संदेश देने की कोशिश की कि वे सदन के अंदर और बाहर जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।
आरजेडी विधायकों और विधान पार्षदों ने कहा कि सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। विपक्ष ने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र जनता की समस्याओं पर चर्चा करने का मंच है और वे हर मुद्दे को सदन में उठाएंगे।
हाथों में तख्तियां लेकर सरकार पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान आरजेडी नेताओं के हाथों में अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियां दिखाई दीं। इन तख्तियों के जरिए नेताओं ने सरकार से कई सवाल पूछे। आरजेडी ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई और "वोट चोरी" जैसे आरोपों को प्रमुखता से सामने रखा। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में जनता के वोट की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और इससे जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। वहीं, आरजेडी नेताओं ने युवाओं, किसानों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को भी उठाने की बात कही।
मानसून सत्र में हंगामे के आसार
बिहार विधानसभा का यह मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिल सकता है। विपक्ष पहले ही संकेत दे चुका है कि वह सरकार को घेरने के लिए पूरी तैयारी के साथ सदन में उतरेगा। आरजेडी के प्रदर्शन को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्ष जहां सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष अपने कामकाज और योजनाओं को लेकर जवाब देने की तैयारी में है।
सदन के अंदर भी उठेंगे कई मुद्दे
मानसून सत्र के दौरान कानून व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों सहित कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। आरजेडी समेत विपक्षी दल सरकार से कई सवालों के जवाब मांग सकते हैं।विधानसभा परिसर में हुए इस प्रदर्शन से साफ है कि मानसून सत्र के दौरान राजनीतिक गर्मी भी देखने को मिलेगी। विपक्ष ने पहले दिन ही अपना तेवर दिखा दिया है और अब सबकी नजरें सदन की कार्यवाही पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में किन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आते हैं।