Bihar Assembly Session : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन विपक्ष के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विधानसभा परिसर के बाहर राजद समेत विपक्षी दलों के विधायक बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। इस दौरान सरकार और केंद्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। विपक्षी विधायकों ने पटना में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सरकार ने दमनात्मक कार्रवाई की है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने विधानसभा के बाहर धरना शुरू कर दिया और सरकार से जवाब मांगने लगा।
छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष हमलावर
दरअसल, पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सरकार को घेरने की तैयारी की है। विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायक हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे थे, जिन पर छात्रों के समर्थन और सरकार के विरोध में संदेश लिखे हुए थे। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
पीएम मोदी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
विपक्ष ने NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। राजद विधायक ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। राजद विधायक ने कहा, "परीक्षा पर चर्चा करने वाले लोग अब लीक इंडस्ट्री चला रहे हैं। युवाओं ने हर-हर मोदी, घर-घर मोदी का नारा देकर बीजेपी की सरकार बनाई थी, लेकिन आज वही सरकार युवाओं की कमर तोड़ने का काम कर रही है।"
सदन के अंदर भी हंगामे के आसार
विपक्ष ने साफ कर दिया है कि विधानसभा में भी वह छात्रों के मुद्दे, पेपर लीक और पटना लाठीचार्ज को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि चौथे दिन की कार्यवाही के दौरान सदन में जोरदार हंगामा हो सकता है।विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को छात्रों पर हुई कार्रवाई का जवाब देना होगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी की जा रही है।
सरकार को घेरने की रणनीति तैयार
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला कर रहा है। छात्रों का आंदोलन और पुलिस कार्रवाई अब विधानसभा में सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है।विपक्ष का कहना है कि युवाओं से जुड़े मामलों पर सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी। वहीं सरकार का पक्ष है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का चौथा दिन हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। छात्रों पर लाठीचार्ज, NEET विवाद और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और गर्माने की संभावना है।