पटना: बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच हुई। सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही ज्यादा देर नहीं चल सकी और इसे मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। हालांकि, पहले दिन बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और विधान परिषद सदस्य निशांत कुमार का भाषण चर्चा का विषय रहा। पहली बार सदन में बोलते हुए निशांत कुमार ने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 वर्षों के शासनकाल की उपलब्धियों को गिनाया और कहा कि बिहार ने इन वर्षों में विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं।

पहली बार सदन में बोले निशांत कुमार

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विधान परिषद में अपने पहले संबोधन के दौरान कहा कि पिछले दो दशकों में बिहार सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। निशांत कुमार ने कहा कि दलित, महादलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा, मजदूर, युवा और महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरू की गईं। इन योजनाओं के जरिए बिहार में सामाजिक बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा, “पिछले 20 वर्षों में बिहार ने विकास के क्षेत्र में लंबी दूरी तय की है। आज बिहार देश और दुनिया में कई क्षेत्रों में उदाहरण बना है।”

शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण का किया जिक्र

अपने भाषण में स्वास्थ्य मंत्री ने नीतीश कुमार सरकार की प्रमुख योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।उन्होंने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण, शराबबंदी, जीविका योजना और जल-जीवन-हरियाली अभियान का उल्लेख किया। निशांत कुमार ने कहा कि इन योजनाओं ने बिहार की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।उन्होंने कहा कि जीविका समूहों के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया गया। वहीं, जल-जीवन-हरियाली अभियान के जरिए पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों को बचाने की दिशा में काम किया गया।

बोले- नीतीश कुमार का मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहेगा

अपने संबोधन में निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने अपने लंबे राजनीतिक सफर में यह साबित किया कि राजनीति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम हो सकती है।उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार के विकास की इस गति को आगे बढ़ाना है। नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया है, लेकिन उनका अनुभव और मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहेगा।निशांत कुमार ने कहा, “पिताजी ने 20 साल में बिहार के लिए जो काम किया है, उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। जनता के हित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने का काम करेंगे।”

जन्मदिन के दिन मिला सदन का पहला अनुभव

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के लिए सोमवार का दिन खास रहा। एक तरफ जहां उन्होंने पहली बार सदन में भाषण दिया, वहीं दूसरी ओर उनका जन्मदिन भी था। विधानसभा और विधान परिषद पहुंचने पर सत्ता पक्ष के नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। निशांत कुमार ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करना ही उनकी प्राथमिकता है और वह बिहार के विकास के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे।

महावीर मंदिर पहुंचे थे पिता-पुत्र

मॉनसून सत्र में शामिल होने से पहले निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार के साथ पटना जंक्शन स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर पहुंचे। यहां दोनों ने पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लिया और बिहार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके बाद निशांत कुमार विधानसभा पहुंचे और सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया। उनके पहले भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के नेताओं ने उनका उत्साह बढ़ाया।

विपक्ष के हंगामे के बीच शुरू हुआ सत्र

बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र पहले दिन से ही राजनीतिक गर्मी के साथ शुरू हुआ। विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सदन में हंगामा किया। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई।

मॉनसून सत्र में सरकार अनुपूरक बजट समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेगी। वहीं, विपक्ष भी सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।