पटना: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पत्रकारों से जुड़े मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार तरीके से आवाज उठाई। विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए और इस मामले पर तत्काल चर्चा की मांग की। दरअसल, जेडीयू विधायक विशाल साह ने पत्रकारों के खिलाफ स्पीकर से लिखित शिकायत की थी. इसके बाद विवाद बढ़ गया है. विधानसभा में पत्रकारों ने कवरेज बंद कर दिया . 

िपक्षी दलों के विधायकों ने कहा कि विधानसभा में पत्रकारों के साथ जिस तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं, उससे मीडिया की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर पत्रकारों ने बुधवार को विधानसभा की खबरों के बहिष्कार का फैसला किया। विपक्ष ने सदन में इस मामले को उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।

विपक्ष ने की पहले बातचीत की मांग

सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्षी विधायकों ने कहा कि पत्रकारों से जुड़े इस गंभीर विषय पर सबसे पहले बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि इस मामले का समाधान निकाला जाए और पत्रकारों को पहले जैसी सुविधाएं और व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

विपक्षी विधायकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो वे सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होंगे। विपक्ष का कहना था कि पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी निभाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

स्पीकर प्रेम कुमार ने दिया समाधान का भरोसा

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने विपक्ष की बात सुनते हुए कहा कि इस मामले को लेकर उनकी पत्रकारों से बातचीत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी पत्रकारों के साथ इस विषय पर चर्चा हुई थी और जल्द ही इसका समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।स्पीकर ने सदन में कहा कि सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने विपक्षी विधायकों से आग्रह किया कि वे धैर्य रखें और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दें।

12 बजे चर्चा का दिया समय

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने विपक्ष को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दोपहर 12 बजे का समय दिया जाता है। उस दौरान इस मामले को उठाया जा सकता है और सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी। स्पीकर के आश्वासन के बाद विपक्षी विधायकों ने कहा कि वे चाहते हैं कि पत्रकारों से जुड़े मामले का जल्द समाधान हो। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से काम करने का माहौल मिलना चाहिए।

पत्रकारों के बहिष्कार से विधानसभा की कवरेज प्रभावित

पत्रकारों के खबरों के बहिष्कार के फैसले का असर विधानसभा की मीडिया कवरेज पर भी देखने को मिला। विधानसभा की कार्यवाही को कवर करने वाले पत्रकारों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया और रिपोर्टिंग से दूरी बनाई।विपक्ष ने इस मुद्दे को सरकार और विधानसभा प्रशासन के सामने रखते हुए कहा कि पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। अब सभी की नजरें दोपहर 12 बजे होने वाली चर्चा पर टिकी हैं, जिसमें इस विवाद के समाधान की दिशा तय हो सकती है। फिलहाल विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश की जा रही है।