Bihar Train News : फिल्मों में आपने चोरों को घर से गहने, दुकान से पैसे और गाड़ियों से कीमती सामान चुराते तो खूब देखा होगा, लेकिन बिहार में चोरों ने तो हद ही कर दी! यहां चोर ट्रेन में यात्रियों के बैठने की सीटें ही उखाड़ ले गए। जी हां, पटना के दानापुर में आरा-पटना मेमू ट्रेन का ऐसा नजारा सामने आया है, जिसे देखकर यात्री भी कह रहे हैं- 'अरे भाई! जब ट्रेन में सीटें ही नहीं बचीं, तो बैठकर सफर कैसे करें?' बोगियों में सीटों की जगह सिर्फ लोहे का ढांचा बचा है और यात्री खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं। अब सवाल है कि आखिर ट्रेन की सीटें गायब कैसे हो गईं और रेलवे को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?
बोगियों में सीटों की जगह दिख रहा लोहे का ढांचा
यात्रियों के मुताबिक, ट्रेन की कई बोगियों में बैठने के लिए लगी सीटें पूरी तरह गायब हैं। कुछ जगहों पर सीटों का केवल लोहे का ढांचा बचा हुआ है। यानी सीट पर बैठने की कोशिश करने वाले यात्रियों को भी निराशा हाथ लग रही है। यात्रियों का कहना है कि यह समस्या अचानक सामने नहीं आई है। उन्होंने लगातार दो दिनों तक ट्रेन में सीटों की यही स्थिति देखी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ट्रेन की बोगियों से सीटें कैसे गायब हो गईं? क्या किसी ने रात के अंधेरे में सीटें उखाड़ लीं या फिर लंबे समय से खराब पड़ी सीटों की मरम्मत नहीं कराई गई? फिलहाल सीटें चोरी होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पूरा किराया देने के बाद भी खड़े होकर करना पड़ रहा सफर
आरा-पटना मेमू ट्रेन में पहले से ही यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है। सुबह और शाम के समय नौकरी और दूसरे जरूरी कामों के लिए यात्रा करने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में बोगियों से सीटें गायब होना यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है।
यात्रियों का कहना है कि वे टिकट लेकर पूरा किराया देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बैठने की बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल रही है। सीटें नहीं होने के कारण कई लोगों को पूरे रास्ते खड़े होकर सफर करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को हो रही है।
भीड़भाड़ वाली ट्रेन में पहले से ही खड़े होने की जगह मुश्किल से मिलती है। ऊपर से सीटें गायब होने के कारण यात्रियों के बीच बैठने को लेकर परेशानी पैदा हो रही है। यात्रियों का सवाल है कि जब ट्रेन की बोगियों में सीटें ही नहीं हैं, तो आखिर इस स्थिति में ट्रेन का परिचालन कैसे किया जा रहा है?
शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
यात्रियों के मुताबिक, ट्रेन में सीटों की कमी को लेकर परेशानी लगातार बनी हुई है। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्होंने दो दिनों तक बोगियों में सीटों की यही हालत देखी। शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ट्रेन की सभी बोगियों की जांच कराई जाए और गायब या टूटी हुई सीटों को जल्द से जल्द लगाया जाए।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे केवल समय पर ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी नहीं निभाए, बल्कि यात्रियों को सफर के दौरान जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित करे। खासकर उन ट्रेनों में नियमित जांच होनी चाहिए, जिनसे रोजाना हजारों लोग यात्रा करते हैं।
DRM ने कहा- ऐसी बोगी को हटाया जाएगा
मामले को लेकर दानापुर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) विनोद कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने ट्रेन में सीटों की ऐसी स्थिति को गलत बताया। DRM ने मामले की जांच कराने और व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस बोगी में इस तरह की स्थिति होगी, उसे हटाया जाएगा।
अब देखने वाली बात होगी कि रेलवे प्रशासन जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है और यात्रियों को कब तक बैठने के लिए सीटें उपलब्ध कराई जाती हैं। फिलहाल आरा-पटना मेमू से सफर करने वाले यात्रियों के सामने बड़ा सवाल यही है कि जब ट्रेन में बैठने के लिए सीटें ही नहीं होंगी, तो वे आराम से यात्रा कैसे करेंगे?