Patna News : मच्छर कॉइल से लगी आग, पटना में घर के अंदर महिला की जलकर मौत; मातम का माहौल Road Safety India : एक गलती और DL रद्द! अब चालान नहीं, नंबर कटते ही सस्पेंड होगा ड्राइविंग लाइसेंस Bihar news : बिहार में ददर्नाक सड़क हादसा : राशन लेकर लौट रही महिला की दर्दनाक मौत, दो की हालत नाजुक Bihar News: सुबह की भागदौड़ खत्म? बिहार में शुरू हुई ‘पेंडुलम सेवा’, अब समय पर पहुंचेंगे छात्र और नौकरीपेशा लोग Train Accident : बिहार में बड़ा रेल हादसा टला, बाल -बाल बची इंटरसिटी एक्सप्रेस; महज 10 दिन में टूटा नई रेललाइन का ट्रैक BSEB Official Website : Bihar School Examination Board ने जारी की 12वीं आंसर-की, 6 मार्च तक आपत्ति का मौका; अब मैट्रिक और इंटर रिजल्ट की तारीख पर टिकी नजर Bihar Education Department : बिहार शिक्षा विभाग में बड़ा खेल उजागर! 1,896 करोड़ रुपये का हिसाब गायब, जिलों में मचा हड़कंप; DEO-DPO पर एक्शन की तैयारी SCERT Bihar exam : बिहार में बच्चों की वार्षिक परीक्षा 12 मार्च से, नई व्यवस्था और तैयारी की चर्चा शुरू ; देखें टाइम टेबल Bihar Teacher News : टीचर ट्रांसफर पर बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार का बयान, कहा - हर किसी को खुश नहीं किया जा सकता, जानिए क्या है वजह PU Election Result : पटना यूनिवसिटी छात्र संघ चुनाव की वोटिंग आज, जानिए कहां होगी काउंटिंग और कब आएगा रिजल्ट
28-Feb-2026 07:59 AM
By First Bihar
SCERT Bihar exam : बिहार राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने इस वर्ष सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा 12 मार्च से शुरू होकर 19 मार्च तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। कक्षा एक और दो की परीक्षा मौखिक होगी, जबकि कक्षा तीन से आठ तक के छात्रों को लिखित परीक्षा देनी होगी।
इस वर्ष से नई व्यवस्था लागू की गई है। अब तक कक्षा तीन से आठ के विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र पर उत्तर सह-उत्तरपुस्तिका पर लिखने होते थे, लेकिन इस बार उत्तरपुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। छात्रों को निर्धारित उत्तरपुस्तिका पर ही उत्तर लिखने होंगे। उत्तरपुस्तिकाएं बिहार राज्य पाठ्यपुस्तक निगम लिमिटेड द्वारा पांच और छह मार्च को जिला शिक्षा कार्यालय को भेज दी जाएंगी। इसके बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इसे प्राप्त कर सभी स्कूलों में वितरण सुनिश्चित करेंगे। 9 और 10 मार्च को उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल तैयार कर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
परीक्षा का मूल्यांकन 19 से 24 मार्च के बीच किया जाएगा, जिसमें ईद और बिहार दिवस को अवकाश रखा गया है। मूल्यांकन कार्य चार कार्य दिवसों में पूरा करना होगा। इसके बाद 25 मार्च तक प्रगति पत्रक तैयार कर लिए जाएंगे। 30 मार्च को सभी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें बच्चों की प्रगति उनके अभिभावकों के साथ साझा की जाएगी।
विद्यार्थियों का मूल्यांकन केवल लिखित परीक्षा तक सीमित नहीं होगा। सह-शैक्षणिक गतिविधियों के आधार पर भी अंक प्रदान किए जाएंगे। कुल 12 सह-शैक्षणिक गतिविधियों को आधार मानकर बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें नियमित उपस्थिति, सृजनात्मकता, खेल-कूद में सहभागिता, साफ-सफाई और अन्य गतिविधियां शामिल हैं। सभी स्कूलों को इसका फॉर्मेट उपलब्ध कराया जाएगा।
वार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल भी जारी किया गया है। 12 मार्च को पहली पाली में कक्षा तीन से आठ तक के लिए पर्यावरण अध्ययन/सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी, जबकि दूसरी पाली में कक्षा एक और दो के लिए भाषा (हिन्दी/उर्दू) की मौखिक परीक्षा आयोजित होगी। 14 मार्च को पहली पाली में कक्षा तीन से आठ के लिए हिन्दी/उर्दू की परीक्षा होगी और दूसरी पाली में अहिन्दी भाषी छात्रों के लिए हिन्दी का प्रश्नपत्र होगा।
16 मार्च को पहली पाली में कक्षा तीन से पांच के लिए गणित परीक्षा और दूसरी पाली में कक्षा छह से आठ के लिए गणित परीक्षा आयोजित की जाएगी। 17 मार्च को पहली पाली में कक्षा तीन से पांच के लिए अंग्रेजी परीक्षा और दूसरी पाली में कक्षा छह से आठ के लिए अंग्रेजी परीक्षा होगी। 18 मार्च को पहली पाली में कक्षा छह से आठ के लिए विज्ञान परीक्षा और दूसरी पाली में संस्कृत परीक्षा आयोजित होगी। अंत में 19 मार्च को पहली पाली में कक्षा एक और दो के लिए गणित की मौखिक परीक्षा और दूसरी पाली में अंग्रेजी की मौखिक परीक्षा होगी।
इस वर्ष विशेष रणनीति बनाई गई है ताकि ग्रेड सी, डी और ई वाले बच्चों को भी बेहतर ग्रेड देने की कोशिश की जा सके। इसका उद्देश्य है कि अधिक से अधिक विद्यार्थी ए और बी ग्रेड में आएं। परीक्षा समाप्ति के बाद सभी जांची गई कॉपियां अभिभावकों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस तरह यह परीक्षा सिर्फ विद्यार्थियों की अकादमिक योग्यता ही नहीं बल्कि सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी, नियमित उपस्थिति और सामाजिक कौशल का भी मूल्यांकन करेगी। यह प्रयास बिहार सरकार की शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों की सर्वांगीण क्षमता को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।
बिहार के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में इस परीक्षा की तैयारी तेजी से जारी है। प्रखंड और जिला स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि परीक्षा निर्धारित समय और नियमों के अनुसार सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। इस बार की परीक्षा से विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी ही लाभान्वित होंगे और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा। इस वार्षिक परीक्षा आयोजन से बिहार में कक्षा एक से आठ तक की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, अनुशासन और बेहतर मूल्यांकन प्रणाली लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।