PATNA: बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के सदस्यों से लेकर राज्य सरकार के सभी पदाधिकारी से लेकर कर्मियों तक को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का पाठ पढ़ाया जाएगा। इन्हें एनयूएस, सी-डैक की पटना शाखा, आईआईटी, नाइलिट और सीआईएमपी जैसे संस्थानों में इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे संबंधित निर्णय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। कैबिनेट की बैठक में 20 प्रमुख एजेंडों पर मुहर लगी। इसमें लिए गए निर्णय के बारे में विस्तृत जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि शोध, नवाचार और इस क्षेत्र के अग्रणी उद्योग एवं संस्थाओं का सहयोग प्राप्त कर एआई के क्षेत्र में बिहार को एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के उदेश्य से बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन का गठन किया गया है। मिशन के उदेश्यों में एक प्रमुख उदेश्य राज्य में तकनीकी संस्थानों के माध्यम से एआई के क्षेत्र में शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाना, जिससे एआई प्रौद्योगिकी अनुकूलन को बढ़ावा मिले। एआई प्रशिक्षण के माध्यम से इसके प्रति समझ विकसित कर प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, मानव संसाधन का उफयोग, आधारभूत संरचना का निर्माण, कृषि जनित क्षेत्र, समाज कल्याण, कला संस्कृति एवं पर्यटन के विकास में प्रभावकारी परिणाम लाया जा सकता है। इससे सरकारी व्यवस्था और योजनाएं पारदर्शी, जवाबदेही और डाटा आधारित हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि पीएम ई-बस योजना के तहत 400 इलेक्ट्रिक एसी बसों को पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया में चलाया जाएगा। इसमें पटना में 150 बसें तथा अन्य शहरों में 50-50 बसें चलाई जाएंगी। इस योजना का कार्यान्वयन वित्तीय वर्ष 2026-27 से अगले 12 वर्ष तक किया जाना है। राज्य सरकार के स्तर से कैश गैप सब्सिडी के रूप में 203 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
पटना एयरपोर्ट को विस्तार देने से संबंधित प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इसके तहत एयरपोर्ट कैंपस से सटे बियाडा की 1.85 एकड़ जमीन को भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण को मुफ्त ट्रांसफर कर दी गई है। इस जमीन पर एयरपोर्ट संबंधित आधारभूत संरचना का विकास किया जाएगा। इसके अलावा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज,2025 की अवधि को बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दी गई है। पहले इसकी अवधि 31 मार्च 2026 तक थी। राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के संकल्प-7 सबका सम्मान-जीवन आसान के अंतर्गत आधुनिक तकनीक, नवाचार और संवेदनशील एवं जवाबदेह शासन से हर नागरिक का जीवन सरल बनाने के उदेश्य से राज्य में वाणिज्यक गतिविधि को प्रोत्साहन देने और भवन निर्माण से जुड़ी अनुमति प्रक्रिया को सरल एवं तेज करने के लिए बिहार भवन (संशोधन) उपविधि, 2026 को स्वीकृति दी गई है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इस वर्ष होने वाली नगरपालिका आम या उप-चुनाव में वरिष्ठ नागरिकों, शारीरिक रूप से दिव्यांग, असाध्य रोग से ग्रसित या अपने स्थान से प्रवास करके कहीं अन्य रह रहे मतदाताओं के लिए ई-वोटिंग प्रणाली की सुविधा प्रदान की गई है। सप्तम राज्य वित्त आयोग का कार्यकाल बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 तक किया गया है। इसके अलावा सीतामढ़ी में बन रहे राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम मां सीता के नाम पर किया गया है। इसके अलावा आर्थिक रूप से सशक्त एवं उत्पादक बनाने तथा एकीकृत शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विकास के लिए विश्व बैंक से 500 मिलियन यानी 50 करोड़ डॉलर ऋण लिया जाएगा। इसकी मदद से राज्य में शहरीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। शहरों में आर्थिक एवं आधारभूत संरचना का निर्माण के साथ ही शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत राज्य की सड़कों के रखरखाव के लिए 15 हजार 967 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत आगामी 7 वर्षों में 19 हजार 305 किमी सड़कों का रख-रखाव कराया जाएगा। पथ निर्माण विभाग के स्वामित्व वाले राज्य उच्च पथ, महत्वपूर्ण पुल और अन्य महत्वपूर्ण पथों पर रोड यूजर फीस एकत्र किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बक्सर में कोईलवर गंगा तटबंध के सामने गंगा नदी के दाएं तट पर ग्राम गंगापुर, भुसौला, नंदपुर और दामोदरपुर को कटाव से बचाने के लिए कार्य कराए जाएंगे। इसी तरह सारण जिला के सोनपुर प्रखंड के बल्लीटोला से सबलपुर पछियारी टोला के बीच मेगा जीयो बैग बेस के ऊपर रूपांकण के अनुसार क्रेटेड बोल्डर से रिभेटमेंट कार्य तथा स्लोप पिचिंग कार्य कराया जाएगा। वैशाली जिला के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के ग्राम गनियारी के पास 1710 मीटर की लंबाई में कटाव से सुरक्षा के लिए कार्य कराए जाएंगे।