PATNA: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करने वाले पेपर लीक मामलों पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। AEDO परीक्षा 2026 से जुड़े कदाचार और प्रश्न पत्र लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा। 


बिहार राज्य में संचालित होने वाली विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाओं की रोक-थाम हेतु आर्थिक अपराध इकाई के द्वारा लगातार कार्यवाइयाँ की गई हैं। इस क्रम में कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियाँ भी इकाई के स्तर से की गई हैं। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित ए0ई0डी0ओ0 परीक्षा 2026 में कदाचार/प्रश्न पत्र लीक कराने से संबंधित 02 कांड क्रमशः मुंगेर मुफसिल थाना कांड संख्या 170/26 दिनांक 14. 04.2026 धारा (318(4) / 338) / 336 * (3) / 340 * (2) / 3 * (5) बी0एन0एस0 2023 एवं धारा 10/12/11 बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम 2024 तथा सोहसराय (नालंदा) थाना कांड संख्या 106/26 दिनांक 17.04.26 धारा 318(4) / 319 * (2) / 336 * (3) /338/ 340(2) / 3 * (5) बी0एन0एस0 2023 प्रतिवेदित हुए है। 


इन कांडों के अनुसंधान एवं अग्रतर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन हेतु श्री राजेश कुमार पुलिस अधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार पटना के नेतृत्व में पुलिस उपाधीक्षक / पुलिस निरीक्षक कोटि के पदाधिकारीयों को सम्मिलित करते हुए एक 09 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है। यह टीम उपरोक्त कांडों के अनुसंधान में सहयोग, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन आदि कार्य करेगी साथ ही परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामलों में शामिल सिडिकेट के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाई करेगी।


इस SIT में सहयोग हेतु विशेष कार्य बल एवं साइबर सुरक्षा इकाई के अनुभवी पदाधिकारियों के प्रतिनियुक्ति के संबंध में भी वरीय स्तर पर अनुरोध किया गया है। पुलिस उप-महानिरीक्षक गठित SIT के कार्यो की समीक्षा करेगें। आर्थिक अपराध इकाई प्रतियोगी परीक्षाओं के कदाचारमुक्त संचालन हेतु कृतसंकल्पित है।


परीक्षा में कदाचार को रोकने के निमित The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act 2024 के तहत 10 साल तक का कारावास एवं एक करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही नये कानून भारतीय न्याय संहिता 2023 में भी परीक्षा में कदाचार रोकने हेतु कठोरतम् कानून बनाये गये हैं।