Patna News : बिहार पुलिस ने राज्य में संचालित निजी गर्ल्स हॉस्टलों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस मुख्यालय के सर्वेक्षण में सामने आया है कि बिहार में लड़कियों और महिलाओं के लिए संचालित 355 निजी हॉस्टल बिना अनिवार्य पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के चल रहे हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस ने ऐसे सभी हॉस्टलों को जल्द से जल्द पंजीकरण कराने के लिए औपचारिक नोटिस जारी कर दिए हैं।

यह कार्रवाई पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जहानाबाद की एक नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले के बाद शुरू किए गए राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है। छात्रा की मौत के बाद हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन पर गंभीर सवाल उठे थे, जिसके बाद बिहार पुलिस ने पूरे राज्य में निजी छात्रावासों का सर्वे कराया।

469 निजी हॉस्टलों में केवल 114 पंजीकृत

बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, राज्य में लड़कियों और महिलाओं के लिए संचालित 469 निजी हॉस्टलों में से केवल 114 हॉस्टलों ने ही सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपना पंजीकरण कराया है। वहीं 355 हॉस्टल अब भी बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन सभी हॉस्टलों को नोटिस भेजा गया है और निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का पालन नहीं करने वाले हॉस्टलों पर आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

सुरक्षा व्यवस्था की भी हुई जांच

सर्वेक्षण के दौरान पुलिस ने हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन किया। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में लड़कियों और महिलाओं के लिए संचालित कुल 783 छात्रावासों में से 700 हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहीं केवल 281 हॉस्टलों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली उपलब्ध है, जबकि 658 छात्रावासों में आगंतुकों का रजिस्टर (विजिटर रजिस्टर) रखा जाता है।

हालांकि रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि कई हॉस्टलों में अभी भी सुरक्षा संबंधी जरूरी इंतजाम अधूरे हैं। पुलिस ने ऐसे सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

नीट छात्रा की मौत के बाद तेज हुई कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि जनवरी में जहानाबाद की रहने वाली एक नीट अभ्यर्थी पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोशी की हालत में मिली थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। छात्रा के परिजनों ने यौन उत्पीड़न और मामले को दबाने की कोशिश का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद बिहार पुलिस ने राज्यभर में बिना अनुमति संचालित हॉस्टलों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था की जांच का विशेष अभियान शुरू किया।

हॉस्टल प्रबंधन को सख्त निर्देश

बिहार पुलिस ने सभी निजी छात्रावासों के संचालकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। पुलिस का कहना है कि हॉस्टलों में सीसीटीवी, विजिटर रजिस्टर, बायोमेट्रिक उपस्थिति और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से लागू की जाएं ताकि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

21 जुलाई से चलेगा विशेष अभियान

महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम और जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस 21 जुलाई से 10 अगस्त तक 'ऑपरेशन विधि पालक युवक' नाम से विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। इस अभियान के तहत जिला स्तर पर पुरुष विद्यार्थियों के बीच जागरूकता पर्चे वितरित किए जाएंगे और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों तथा दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।

बिहार पुलिस का मानना है कि छात्रावासों का नियमित पंजीकरण, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और जनजागरूकता अभियान महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने की तैयारी में है कि सभी निजी गर्ल्स हॉस्टल निर्धारित नियमों के तहत संचालित हों और छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।