Bihar News: बिहार के सभी 352 निजी बीएड कॉलेजों के लिए अब हर साल परफॉर्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट (PAR) जमा करना अनिवार्य होगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के समक्ष यह रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर जमा करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी निजी बीएड कॉलेजों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है।
उच्च शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद अब निजी बीएड कॉलेजों को अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों और संस्थान के प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी हर साल NCTE को देनी होगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट जमा नहीं करने वाले कॉलेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे कॉलेजों की मान्यता रद्द करने या संबंधित शैक्षणिक सत्र में दाखिले पर रोक लगाने का प्रावधान है।
दरअसल, वर्ष 2023 में NCTE ने सभी बीएड कॉलेजों के लिए परफॉर्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य किया था। हालांकि, निजी कॉलेज संचालकों की याचिका और दलीलों के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद NCTE ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रिपोर्ट जमा करने की अनिवार्यता फिर से लागू हो गई है।
उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्कूलों में योग्य शिक्षकों की उपलब्धता बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार से सीधे जुड़ी हुई है। अदालत ने यह भी माना है कि NCTE एक सांविधिक निकाय है और उसे शिक्षा व्यवस्था के सुनियोजित विकास के लिए संस्थानों से हर साल प्रदर्शन रिपोर्ट मांगने का पूरा अधिकार है।
इस फैसले के बाद उन निजी बीएड कॉलेजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिनके पास पर्याप्त संसाधन और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। माना जा रहा है कि PAR रिपोर्ट की अनिवार्यता से केवल डिग्री बांटने वाले और शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करने वाले संस्थानों पर लगाम लगेगी। अब सभी निजी बीएड कॉलेजों को अपनी मान्यता बनाए रखने के लिए निर्धारित मानकों और शैक्षणिक गुणवत्ता का पालन करना होगा।