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05-Apr-2026 08:06 AM
By First Bihar
Bihar News : बिहार के गांवों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब इंटरमीडिएट के बाद उच्च शिक्षा के लिए शहरों की ओर पलायन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों में शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के 215 प्रखंडों में स्नातक स्तर के नए कॉलेज खोलने की घोषणा की है। इस पहल से हजारों छात्रों का भविष्य संवरने की उम्मीद है।
इस योजना के तहत इस शैक्षणिक सत्र से ही लगभग 38,700 नई सीटों पर नामांकन होगा। इन कॉलेजों का संचालन संबंधित जिलों के विश्वविद्यालयों के अंतर्गत किया जाएगा। यानी छात्र अपने ही जिले के विश्वविद्यालय से जुड़कर गांव के पास ही डिग्री हासिल कर सकेंगे। इससे खासकर छात्राओं को बड़ी सुविधा मिलेगी, जिन्हें अब दूर शहरों में जाकर पढ़ाई करने की बाध्यता नहीं होगी।
राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत पटना और नालंदा जिलों के कुल 16 प्रखंडों में नए कॉलेज खोले जाएंगे। इनमें पटना के सात और नालंदा के नौ प्रखंड शामिल हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं और चयनित प्रखंडों की सूची भी तय कर ली गई है।
इन नए कॉलेजों में शुरुआत में पांच प्रमुख विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी, जिनमें अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति शास्त्र, हिंदी, समाजशास्त्र और अंग्रेजी शामिल हैं। प्रत्येक विषय में 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिससे छात्रों को पर्याप्त अवसर मिल सके। नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिसके लिए सभी विश्वविद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इस योजना का सबसे अधिक लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो बिहार बोर्ड या सीबीएसई से 12वीं पास कर चुके हैं और उच्च शिक्षा के लिए विकल्प तलाश रहे हैं। अब उन्हें पटना या अन्य बड़े शहरों में जाकर रहने और पढ़ाई करने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने गांव या आसपास के क्षेत्र में रहकर ही स्नातक की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
जिलों के हिसाब से देखें तो बेगूसराय में सबसे ज्यादा 11 प्रखंडों में कॉलेज खोले जाएंगे। इसके अलावा गया और सीवान में 10-10, गोपालगंज, नालंदा, सारण और सीतामढ़ी में 9-9 प्रखंडों को इस योजना में शामिल किया गया है। अन्य जिलों में भी दो से आठ प्रखंडों में कॉलेज खोले जाने की योजना है।
सरकार ने इन कॉलेजों में शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारू रूप से शुरू करने के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी तेज कर दी हैं। नामांकन से पहले प्रत्येक कॉलेज में प्राचार्य की नियुक्ति की जाएगी, जबकि विषयवार अतिथि शिक्षकों की भी नियुक्ति होगी। यह पूरी प्रक्रिया जून तक पूरी कर ली जाएगी, ताकि जुलाई से नए सत्र की पढ़ाई समय पर शुरू की जा सके।
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अबू बकर ने बताया कि इस सत्र से ही दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और सभी कॉलेजों में जुलाई से नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधारने के साथ-साथ छात्रों को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देगी।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार की यह पहल ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाने वाली साबित हो सकती है। इससे न केवल उच्च शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी ग्रामीण क्षेत्रों का विकास तेज होगा।