PATNA : बिहार के लोगों के लिए यह काफी काम की खबर है। राज्य में 18-19 अगस्त को ओपीडी ठप रहेगी। इस दिन पुरे बिहार में कहीं भी किसी भी  सरकारी अस्पतालों में कोई भी डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे दिखाई देंगे। इस बात का एलान बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के तरफ से की गई है। संघ ने कहा है कि, 18 और 19 अगस्त को राज्यभर के सरकारी डॉक्टर ओपीडी में काम नहीं करेंगे। 


दरअसल, अस्पतालों में पुख्ता  सुरक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर 18-19 अगस्त को डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा में काम नहीं करने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं डॉक्टर की टीम 16 व 17 अगस्त को काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। ये लोग मुख्य रूप से बिपार्ड गया में प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों के साथ हुए दुर्व्यवहार और लंबित मांगों को लेकर यह निर्णय लिया है।


मालूम हो कि, रविवार को आईएमए हॉल में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के कोर कमेटि की बैठक हुई। बैठक में संघ के सदस्यों ने कार्यस्थल पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने की मांग की। संघ ने यह भी मांग की है कि कार्यस्थल पर स्वास्थ्य पुलिस बल की व्यवस्था की जाए। मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्यवाही सुनिश्चित हो। इसके साथ ही  बिपार्ड में ट्रेनिंग के दौरान डॉक्टरों को उचित अवासीय, भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद ही अगले बैच को भेजा जाए। कार्य अवधि का निर्धारण एवं आवासीय सुविधा के बिना बायोमीट्रिक हाजिरी के लिए चिकित्सकों को बाध्य नहीं किया जाए। सेवारत चिकित्सकों को पीजी व डीएनबी में सीट आरक्षित किया जाए। 


इधर, संघ ने 16 व 17 अगस्त को काम करने के दौरान काली पट्टी बांधकर काम करने का निर्णय लिया। जबकि 18 व 19 अगस्त को ओपीडी का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। संघ ने यह भी कहा है कि अगर 12 अगस्त तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कार्य बहिष्कार और ओपीडी बंदी सहित अन्य कठोर निर्णय लेने पर बाध्य होना पड़ेगा। बैठक में संघ के अध्यक्ष डॉ महेश प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष डॉ रोहित कुमार, प्रवक्ता डॉ विनय कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ० कुमार सौरभ, अपर सचिव डॉ हसरत अब्बास समेत अन्य सदस्य मौजूद थे।