Bihar Universities: बिहार के सभी 17 विश्वविद्यालयों से पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें लंबित डिग्री, अंकपत्र और अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए विश्वविद्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार इन दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है।



राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी कुलपतियों को 30 सितंबर तक लंबित डिग्री, अंकपत्र और अन्य शैक्षणिक अभिलेख डिजिलॉकर पर अपलोड करने का निर्देश दिया है।



जल्द अपलोड होंगे शैक्षणिक दस्तावेज

शुक्रवार को बिहार लोक भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को डिजिलॉकर पर अपलोड करने की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सभी विश्वविद्यालयों को इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।



अपर मुख्य सचिव ने सितंबर के अंत तक राष्ट्रीय शैक्षणिक भंडार (NAD) और शैक्षणिक क्रेडिट बैंक (ACB) पोर्टल पर भी शैक्षणिक अभिलेख अपलोड करना सुनिश्चित करने को कहा। विश्वविद्यालयवार अपलोड की प्रगति की समीक्षा की गई और अब इस कार्य की समीक्षा हर 15 दिन में की जाएगी। वहीं, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के शैक्षणिक अभिलेखों की प्रगति की समीक्षा हर सप्ताह होगी।



पुराने शैक्षणिक रिकॉर्ड भी होंगे डिजिटल

सरकार ने बिहार के पुराने शैक्षणिक अभिलेखों को भी डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। NAD और ACB के राष्ट्रीय समन्वयक ने बताया कि लंबित रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और अपलोड के लिए पोर्टल 1 सितंबर से 31 अक्टूबर तक दोबारा खोला जाएगा। पुराने हस्तलिखित और कागजी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में बदलने के लिए विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से जरूरी कर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे।



पुराने रिकॉर्ड के लिए तैयार होगा साझा प्रारूप

पुराने अंक आधारित रिकॉर्ड को एक समान तरीके से अपलोड करने के लिए साझा प्रारूप तैयार किया जाएगा। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय मिलकर इस प्रारूप को अंतिम रूप देंगे।



इसके बाद तैयार प्रारूप को राज्य के सभी संबंधित विश्वविद्यालयों में लागू किया जाएगा। इससे अलग-अलग विश्वविद्यालयों के पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक समान तरीके से अपलोड करने में मदद मिलेगी।



हर विश्वविद्यालय में IT मैनेजर की होगी तैनाती

डिजिटलीकरण के काम में तकनीकी सहायता के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक IT मैनेजर उपलब्ध कराया जाएगा। ये मैनेजर रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, अपलोडिंग और उसकी निगरानी में मदद करेंगे। साथ ही अपलोडिंग के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान में भी विश्वविद्यालयों को सहायता दी जाएगी।



नौकरी और उच्च शिक्षा में मिलेगी सुविधा

इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक दस्तावेज आसानी से उपलब्ध कराना है। डिजिलॉकर पर डिग्री, अंकपत्र और अन्य प्रमाण पत्र उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को नौकरी, उच्च शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए दस्तावेज हासिल करने में सुविधा होगी। बैठक में सभी विश्वविद्यालयों के परीक्षा नियंत्रक, NAD समन्वयक, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी और बिहार लोक भवन के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।