PATNA: बिहार में एक हजार आंगनबाड़ी केंद्रों का रूपांतरण 'नंद घर' के तौर पर होगा। पहले चरण में पटना, गया, पूर्णिया, सीतामढ़ी, जमुई, शेखपुरा समेत प्रदेश के कई जिलों से 5 से 10 आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है। यह पहल सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 तथा 'पोषण भी, पढ़ाई भी' अभियान के अनुरूप होगी। नंद घर आंदोलन में शामिल होने वाला 18वां राज्य बना बिहार, देश के 17 राज्यों में करीब 15 हजार केंद्र मौजूद है। 


अब बिहार के आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा तक ही सीमित नहीं रहेंगे। समाज कल्याण विभाग और अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (वेदांता समूह) की संयुक्त पहल से राज्य के चुनिंदा 1 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत और शिरत दोनों बदलने जा रही हैं। इन केंद्रों को आधुनिक 'नंद घर' का रूप दिया जा रहा है, जहां बच्चों को प्ले-स्कूल जैसी पढ़ाई, पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। दोपहर के बाद यही केंद्र महिलाओं के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के केंद्र के तौर पर उभरकर सामने आएंगे। यह पहल सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 तथा 'पोषण भी, पढ़ाई भी' अभियान के अनुरूप होगी।


पहले चरण में पटना, गया, पूर्णिया, सीतामढ़ी, जमुई, शेखपुरा समेत प्रदेश के कई जिलों से पांच से दस आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है। फिलहाल उन्हीं केंद्रों को शामिल किया गया है, जिनके पास अपना भवन उपलब्ध है। बिहार नंद घर आंदोलन में शामिल होने वाला 18वां राज्य बन गया है। वर्तमान में भारत के 17 राज्यों में लगभग 15 हजार केंद्रों तक फैले हुए हैं।


बच्चों को मिलेगी स्मार्ट पढ़ाई और बेहतर पोषण

आधुनिक नंद घर में बच्चों को टीवी, ऑडियो-वीडियो सामग्री, डिजिटल लर्निंग टूल्स और आधुनिक खिलौनों के माध्यम से खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को प्ले-स्कूल जैसा वातावरण मिलेगा। वहीं गर्भवती और धात्री महिलाओं को पौष्टिक पैक्ड न्यूट्रिशन उपलब्ध कराया जाएगा और मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य जांच भी होगी।


महिलाओं के लिए बनेगा आत्मनिर्भरता का केंद्र

दोपहर में बच्चों की पढ़ाई समाप्त होने के बाद शाम के समय इन्हीं केंद्रों पर स्थानीय महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, कंप्यूटर समेत विभिन्न रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के नए अवसर तैयार होंगे।


सोलर बिजली और शुद्ध पेयजल की सुविधा

हर नंद घर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। केंद्रों में 24 घंटे बिजली के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जबकि बच्चों और महिलाओं के लिए वॉटर प्यूरीफायर के जरिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होगी। इससे आंगनबाड़ी केंद्र पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनेंगे।


यह है नंद घर मॉडल

नंद घर, वेदांता रिसोर्सेज और अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की ओर से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से संचालित एक राष्ट्रीय पहल है। इसका उद्देश्य पारंपरिक आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक स्वरूप देकर बच्चों की शुरुआती शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सशक्तीकरण को एक ही छत के नीचे बेहतर सुविधाओं के साथ उपलब्ध कराना है।