Bihar Ration Card News : बिहार में दीपावली और छठ महापर्व का उत्साह शुरू होते ही दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश में रहने वाले प्रवासियों का अपने गांव और घर लौटने का सिलसिला तेज हो गया है। कोई दिल्ली से लौट रहा है तो कोई मुंबई, गुजरात, पंजाब और हरियाणा से अपने परिवार के बीच पहुंच रहा है। लेकिन इस बार त्योहारों की खुशियों के बीच भोजपुर जिले के ऐसे परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, जो पात्र होने के बावजूद अब तक सरकारी राशन कार्ड की सुविधा से वंचित हैं। जिला आपूर्ति विभाग ने ऐसे परिवारों और प्रवासियों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने की पहल शुरू कर दी है।

इसके लिए विभाग ने जमीनी स्तर पर तैयारी तेज कर दी है। अब राशन कार्ड के संभावित लाभुकों की पहचान केवल सरकारी कार्यालयों में बैठकर कागजी रिपोर्ट के आधार पर नहीं होगी, बल्कि अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव तथा घर-घर जाकर वास्तविक स्थिति का पता लगाएंगे। विभाग का मकसद है कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी खाद्यान्न योजना के लाभ से वंचित न रहे।

घर-घर पहुंचेगा आपूर्ति विभाग, एमओ को मिली जिम्मेदारी

इस अभियान को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी मोईज जिया ने सभी प्रखंडों के मार्केटिंग ऑफिसर (एमओ) को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर संभावित लाभुकों की पहचान करने को कहा है। इस दौरान ऐसे परिवारों की जानकारी जुटाई जाएगी, जो राशन कार्ड बनवाने की पात्रता रखते हैं, लेकिन किसी कारण से अब तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट तैयार करने की औपचारिकता पूरी न करें। इसके बजाय गांवों और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों से सीधे बातचीत करें और उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन करें। इस प्रक्रिया में पात्र परिवारों की आर्थिक और पारिवारिक स्थिति की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इसके बाद राशन कार्ड से वंचित संभावित लाभुकों की सूची तैयार की जाएगी। विभागीय स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद आगे की आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

दूसरे राज्यों में रहते हैं भोजपुर के हजारों लोग

दरअसल, भोजपुर जिले के बड़ी संख्या में लोग रोजगार और बेहतर कमाई की तलाश में बिहार से बाहर रहते हैं। कोई मजदूरी करता है, तो कोई निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों, दुकानों और निर्माण कार्यों से जुड़ा हुआ है। परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए इन लोगों को साल के ज्यादातर महीने दूसरे राज्यों में ही गुजारने पड़ते हैं।

हालांकि, दीपावली और छठ महापर्व ऐसा मौका होता है, जब ये प्रवासी अपने गांव लौटने की कोशिश करते हैं। छठ के दौरान तो घर आने का उत्साह कुछ अलग ही होता है। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और गांव के लोग अपनों के लौटने का इंतजार करते हैं।

इसी दौरान जिला आपूर्ति विभाग ऐसे परिवारों की पहचान करने की तैयारी में जुटा है, जिन्हें राशन कार्ड की जरूरत है, लेकिन अभी तक सरकारी सुविधा नहीं मिल पाई है। विभाग की इस पहल से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र होने के बावजूद अब तक इसके दायरे में शामिल नहीं हो सके हैं।

त्योहारों के दौरान परिवारों को मिल सकती है बड़ी राहत

सरकारी राशन कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए पात्र परिवारों को सरकारी जन वितरण प्रणाली के तहत निर्धारित खाद्यान्न का लाभ मिलता है। ऐसे में जिन परिवारों के सदस्य रोजगार के लिए बाहर रहते हैं, उनके लिए भी राशन कार्ड से जुड़ना महत्वपूर्ण हो सकता है।

भोजपुर जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य ऐसे ही जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। घर-घर सर्वे के जरिए विभाग यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि किन परिवारों को राशन कार्ड की सुविधा मिलनी चाहिए और कौन-कौन अब तक इससे वंचित हैं।

हालांकि, संभावित लाभुकों की पहचान और सूची तैयार होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। केवल सूची में नाम शामिल होने से राशन कार्ड जारी होना या तत्काल राशन मिलने की गारंटी नहीं है। इसके लिए निर्धारित पात्रता और विभागीय प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

अब किसी पात्र परिवार को नहीं छूटने देने की तैयारी

जिला आपूर्ति विभाग की इस पहल को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार अधिकारियों को सीधे जनता के बीच जाकर वास्तविक लाभुकों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई है।

अब देखना होगा कि घर-घर सर्वे के दौरान कितने ऐसे परिवार सामने आते हैं, जो पात्र होने के बावजूद राशन कार्ड से वंचित हैं। अगर अभियान सही तरीके से पूरा होता है, तो भोजपुर के कई जरूरतमंद परिवारों को सरकारी खाद्यान्न योजना से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।