Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब नया सामाजिक और राजनीतिक स्वरूप ले लिया है। भरत तिवारी की मौत के बाद न्याय की मांग लगातार तेज होती जा रही है और अब यह मुद्दा बिहार की सीमाओं से निकलकर उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुका है। इसी क्रम में 24 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत बिलौटी गांव में सर्व समाज की एक विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें बिहार और उत्तर प्रदेश से हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। आयोजकों के मुताबिक इस महापंचायत में 10 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान है। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों से संपर्क किया जा रहा है।
36 बिरादरियों को एक मंच पर लाने की तैयारी
महापंचायत की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें क्षेत्र की 36 बिरादरियों के लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों ने समाज के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और विभिन्न समुदायों के लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति के लिए न्याय की लड़ाई नहीं है, बल्कि सामाजिक एकजुटता और अधिकारों की आवाज को मजबूत करने का प्रयास भी है। गांव-गांव में बैठकें आयोजित की जा रही हैं और लोगों को महापंचायत में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
प्राचीन कुंडवा शिव मंदिर परिसर में होगा आयोजन
महापंचायत का आयोजन 24 जून को दोपहर 12 बजे से बिलौटी गांव स्थित प्राचीन कुंडवा शिव मंदिर परिसर में किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और बड़ी संख्या में लोगों के आगमन को देखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजकों के अनुसार, इस मंच के माध्यम से भरत तिवारी मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को मजबूती दी जाएगी। साथ ही आगे के आंदोलन की रूपरेखा भी तय की जाएगी।
एनकाउंटर के बाद बढ़ी राजनीतिक और सामाजिक हलचल
गौरतलब है कि 17 जून को हुए पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही इस मामले को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और न्यायिक जांच की मांग उठाई है। घटना के बाद से क्षेत्र में लगातार बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
महापंचायत में बनेगी आंदोलन की रणनीति
आयोजकों का कहना है कि 24 जून को होने वाली महापंचायत केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगी। इस दौरान भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा होगी और आगे किस प्रकार आंदोलन को आगे बढ़ाया जाए, इस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कई जिलों में निकाला गया कैंडल मार्च
भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर बिहार के कई जिलों में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग उठाई है। पटना, औरंगाबाद, बेगूसराय समेत कई जिलों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और निष्पक्ष जांच की मांग की। लोगों का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मां ने बताई बेटे की अंतिम इच्छा
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने बेटे की अंतिम इच्छा का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि भरत की इच्छा थी कि जवाइनिया क्षेत्र में कटाव प्रभावित लोगों के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए और बिलौटी गांव में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनका कहना है कि भरत हमेशा क्षेत्र के विकास और आम लोगों की समस्याओं को लेकर चिंतित रहता था। वह चाहता था कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा न करने वाले जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय हो।
24 जून की महापंचायत पर टिकी निगाहें
शाहपुर और आसपास के इलाकों के लिए 24 जून को प्रस्तावित यह महापंचायत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बैठक से क्या निर्णय निकलते हैं और भरत तिवारी मामले में न्याय की मांग को आगे किस दिशा में ले जाया जाता है।