Bharat Tiwari Case : बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी रविवार को बिलौटी गांव के लिए रवाना हो गए। वह चर्चित भरत तिवारी प्रकरण में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हाल जानने और सरकार का पक्ष रखने पहुंचे। इस मामले में सत्ताधारी दल की ओर से किसी मंत्री का पीड़ित परिवार से मिलने जाना पहली बड़ी राजनीतिक पहल माना जा रहा है।


बिलौटी गांव रवाना होने से पहले अशोक चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह परिवार के दुख में शामिल होने और उन्हें यह भरोसा दिलाने जा रहे हैं कि बिहार सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मी की लापरवाही अथवा गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।


मंत्री ने कहा, "मैं बिल्कुल बिलौटी गांव जा रहा हूं। पूरे मामले को कुछ लोग जात-पात से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह उचित नहीं है। यदि किसी अधिकारी या पुलिसकर्मी ने गलती की है तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।"


उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील घटना को राजनीतिक या जातीय रंग देना समाज के लिए ठीक नहीं है। सरकार का उद्देश्य केवल सच्चाई सामने लाना और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


अशोक चौधरी ने इस दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर सरकार और सम्राट चौधरी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए सीधे तौर पर सम्राट चौधरी को जिम्मेदार ठहराना गलत है। मंत्री ने कहा, "सरकार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। अगर किसी अधिकारी ने गलत किया है तो उसकी जवाबदेही तय होगी, लेकिन बिना तथ्यों के किसी राजनीतिक व्यक्ति को दोष देना उचित नहीं है।"


उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने हमेशा दलित और महादलित परिवारों के उत्थान के लिए गंभीरता से काम किया है। ऐसे में किसी एक घटना के आधार पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा। सरकार हर वर्ग के लोगों के साथ समान संवेदनशीलता से खड़ी है। भरत तिवारी मामले में उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि जिस रिवॉल्वर की चर्चा हो रही है, वह नकली थी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के सभी दावों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।


अशोक चौधरी ने कहा, "परिवार अपनी बात रख रहा है। रिवॉल्वर असली थी या नकली, यह जांच का विषय है। सरकार किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं करेगी। हर बिंदु की निष्पक्ष जांच होगी।"उन्होंने अंत में कहा कि जो घटना हुई है, वह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। वह स्वयं पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी बातें सुनेंगे और सरकार की ओर से उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल न्याय सुनिश्चित करना है, इसलिए किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई की जाएगी।