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23-Feb-2026 09:05 AM
By First Bihar
Bihar cab service : बिहार के परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य का सहकारिता विभाग गुजरात मॉडल की तर्ज पर ‘सहकारी टैक्सी सेवा’ शुरू करने की तैयारी में है। इस नई सेवा का नाम ‘भारत टैक्सी’ रखा गया है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इसे जून महीने से चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। दावा है कि यह सेवा मौजूदा निजी कैब कंपनियों के मुकाबले 20 से 30 फीसदी तक सस्ती होगी, जिससे आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
जून से शुरू होगा सहकारी टैक्सी मॉडल
सहकारिता आधारित इस टैक्सी सेवा की शुरुआत जून से कुछ चुनिंदा जिलों में की जाएगी। शुरुआती चरण में राजधानी पटना समेत प्रमुख शहरों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद अक्टूबर तक इसे पूरे राज्य में विस्तार देने की योजना है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बिहार में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और डिजिटल बुकिंग की मांग को देखते हुए यह कदम अहम माना जा रहा है। फिलहाल शहरों में निजी कंपनियों जैसे Ola Cabs और Uber का दबदबा है, जहां ड्राइवरों को कमीशन के रूप में अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा कंपनी को देना पड़ता है। सहकारी मॉडल इस व्यवस्था को बदलने की कोशिश करेगा।
‘सारथी’ होंगे ड्राइवर, नहीं देना होगा भारी कमीशन
‘भारत टैक्सी’ की सबसे खास बात यह है कि इसमें ड्राइवर केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि सहकारी समिति के सदस्य और शेयरधारक होंगे। इन्हें ‘सारथी’ कहा जाएगा। इस मॉडल में कोई निजी कंपनी बिचौलिया बनकर कमीशन नहीं लेगी। यात्रियों से मिलने वाला किराया सीधे ड्राइवर के खाते में जाएगा।
इससे ड्राइवरों की आय में स्थिरता आने की उम्मीद है। अभी निजी कंपनियों के साथ जुड़े ड्राइवरों को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में देना पड़ता है, जिससे उनकी वास्तविक आय कम हो जाती है। सहकारी मॉडल में यह समस्या खत्म होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
इसके अलावा सरकार इन चालकों को स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इससे उन्हें भविष्य के लिए सुरक्षा कवच मिलेगा। खास तौर पर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले चालकों के लिए यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मोबाइल ऐप से बुकिंग, शहर से बाहर भी सेवा
सरकार ‘भारत टैक्सी’ नाम से एक मोबाइल एप लॉन्च करेगी, जिसके माध्यम से कैब, ऑटो और बाइक बुक की जा सकेगी। ऐप आधारित यह सेवा पूरी तरह डिजिटल होगी। यात्रियों को शहर के भीतर ही नहीं, बल्कि शहर से बाहर यात्रा की सुविधा भी मिलेगी।
बड़े परिवारों और समूहों को ध्यान में रखते हुए छह सीट तक के वाहन विकल्प भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को सुविधा होगी। डिजिटल भुगतान और ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं भी ऐप में शामिल होंगी।
महिलाओं को भी मिलेगा मौका
इस योजना के तहत महिला चालकों को भी शामिल करने की विशेष योजना है। इससे महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार के अवसर खुल सकते हैं। साथ ही, महिला यात्रियों के लिए भी यह एक सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है।
सरकार का कहना है कि यह मॉडल गुजरात में सफलतापूर्वक संचालित सहकारी परिवहन व्यवस्था से प्रेरित है। वहां संस्थागत ढांचे में संचालित इस व्यवस्था ने ड्राइवरों की आय बढ़ाने और यात्रियों को किफायती सेवा देने में सफलता पाई है। बिहार में भी इसी तर्ज पर इसे लागू किया जाएगा।
अगर ‘भारत टैक्सी’ योजना तय समय पर जमीन पर उतरती है, तो यह राज्य के परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। सस्ती सवारी, ड्राइवरों को सामाजिक सुरक्षा और सहकारिता आधारित मॉडल—इन तीनों के मेल से यह पहल यात्रियों और चालकों दोनों के लिए नया और भरोसेमंद विकल्प बन सकती है।