India Nepal Border Road Project: भारत-नेपाल सीमा सड़क का निर्माण अगले माह जून तक पूरा कर लिया जाएगा। कुल 554 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना में अब केवल 16 किलोमीटर हिस्से का निर्माण शेष रह गया है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। अब तक 538 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है।


यह सड़क बिहार के सात जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से होकर गुजरती है। इनमें पूर्वी चंपारण में 11 किलोमीटर और किशनगंज में पांच किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य बाकी है।


सीमा सुरक्षा और लोगों के बेहतर आवागमन को ध्यान में रखते हुए इस सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। यह सड़क बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल को भी जोड़ती है, जिससे तीनों राज्यों के बीच आवागमन आसान होगा।


परियोजना पर भारत सरकार ने करीब चार हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि बिहार सरकार ने भूमि अधिग्रहण सहित 2800 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सड़क बनने से भारत-नेपाल सीमा की निगरानी और अधिक प्रभावी होगी। सुरक्षा बलों की गश्ती और त्वरित कार्रवाई में भी सुविधा मिलेगी। सड़क की चौड़ाई सात मीटर रखी गई है।


अधिकारियों ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा की कुल लंबाई 650 किलोमीटर है, जिसमें 554 किलोमीटर सड़क भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना के तहत बनाई गई है। शेष हिस्सा पहले से राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के रूप में मौजूद है।