Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में लेटर पिटीशन दायर किया गया है, जिसमें तत्काल संज्ञान लेने और एनकाउंटर की न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही पुलिस कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने का निर्देश देने की भी अपील की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में लेटर पिटीशन दाखिल
सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील नरेंद्र मिश्रा ने यह लेटर पिटीशन दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि मृतक भरत भूषण तिवारी की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी और उनके परिजनों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से अवैध थी। याचिका में बिहार सरकार से पूरे मामले पर जवाब तलब करने और स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग की गई है।
हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे जांच
इस बीच मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आदेश दिया है। जांच की जिम्मेदारी हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज को सौंपी गई है, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके।
दो FIR दर्ज, जांच के दायरे में कई पहलू
पुलिस ने भोजपुर एनकाउंटर मामले में भरत तिवारी से जुड़े दो अलग-अलग FIR दर्ज किए हैं—पहली FIR में अवैध हथियार रखने, सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस पर गोली चलाने और आरोपी को पनाह देने जैसे आरोप शामिल हैं। इस मामले में उनके पिता और भाई को भी आरोपी बनाया गया है। दूसरी FIR सीधे पुलिस एनकाउंटर से संबंधित है।
मां ने भी की FIR की मांग
एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने भी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने जगदीशपुर DSP और शाहपुर थाना के तत्कालीन SHO पर कार्रवाई की मांग करते हुए आवेदन दिया है।