PATNA: बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में काफी बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सारण जिले सोनपुर के बाद अब राज्य में एक और नया एयरपोर्ट बनने जा रहा है. सरकार ने इस एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ये ऐसा एयरपोर्ट होगा, जहां दुनिया का सबसे विशाल प्लेन भी लैंड और टेक ऑफ कर सकेगा. इस नए एयरपोर्ट से बिहार के कई जिलों की तस्वीर बदल जाएगी.
भागलपुर से सुल्तानगंज में एयरपोर्ट बनाने की कवायद शुरू
बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में राज्य का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण और बुनियादी ढांचा को विकसित करने की कवायद शुरू कर दी गई है.
3000+ एकड़ में बनेगा एयरपोर्ट
राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, सुल्तानगंज में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए कुल 3064.039 एकड़ जमीन की आवश्यकता बताई गई है। पहले चरण में 931 एकड़ जमीन चिन्हित की गई थी, लेकिन भविष्य की जरूरतों और विस्तार को ध्यान में रखते हुए 2133.039 एकड़ अतिरिक्त जमीन की मांग की गई है।
बिहार के सिविल विमानन निदेशालय ने इस अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के लिए भागलपुर डीएम को प्रस्ताव भेज दिया है और जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
देश का 22वां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
सुल्तानगंज में बनने वाला यह एयरपोर्ट देश का 22वां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा। राज्य मंत्रिमंडल पहले ही इस परियोजना को मंजूरी दे चुका है।
बिहार के सिविल विमानन निदेशालय के सचिव डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने भागलपुर के डीएम को भेजे गए अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि परियोजना के पहले और दूसरे चरण के लिए चिन्हित जमीन का विस्तृत नक्शा और अधिग्रहण प्रस्ताव जल्द उपलब्ध कराया जाए।
2030 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। पहले चरण में DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार होगी.इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। लक्ष्य है कि 2030 तक एयरपोर्ट का निर्माण पूरा कर लिया जाए
4200 मीटर लंबा रनवे, कार्गो फ्लाइट की सुविधा
इस एयरपोर्ट की खासियत होगी इसका चार किलोमीटर (4200 मीटर) लंबा रनवे, जो बड़े से बड़े विमानों और कार्गो फ्लाइट्स के संचालन के लिए सक्षम होगा।यही कारण है कि परियोजना के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत पड़ी है, ताकि भविष्य में मालवाहक विमानों का संचालन भी आसानी से हो सके।
पर्यटन और उद्योग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
सुल्तानगंज का यह क्षेत्र देवघर मार्ग (श्रावणी मेला रूट) और औद्योगिक विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एयरपोर्ट बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं उद्योग और व्यापार को गति मिलेगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इन गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण
एयरपोर्ट निर्माण के लिए सुल्तानगंज के मसदी, नोनसर, राजगंज, कसवा, सुजापुर और मंडली गांवों की अधिकतर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
कई जिलों को मिलेगा फायदा
यह एयरपोर्ट भागलपुर के साथ-साथ बांका, मुंगेर, खगड़िया, जमुई समेत आसपास के जिलों के लिए भी कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बनेगा।
सुल्तानगंज में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। अगर तय समयसीमा के अनुसार 2030 तक इसका निर्माण पूरा होता है, तो यह न सिर्फ राज्य की हवाई सेवा को नई ऊंचाई देगा, बल्कि पूर्वी बिहार के विकास की तस्वीर भी बदल सकता है।