Bihar Road Project News: बिहार में भागलपुर और मधेपुरा के बीच आवागमन को आसान बनाने वाली बड़ी सड़क परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. बिहपुर से फुलौत के बीच बन रहे महासेतु सह पहुंच पथ का 98.7 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. करीब 1478.40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही 28.918 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को फरवरी 2027 तक आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है.
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि भागलपुर के बिहपुर और मधेपुरा के फुलौत के बीच बन रहे इस महासेतु के सभी 128 स्पैन स्थापित किए जा चुके हैं. अब पुल पर एक्सपेंशन जॉइंट्स लगाने के साथ अंतिम चरण के फिनिशिंग कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है.
यह परियोजना केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन कराई जा रही है. महासेतु और पहुंच पथ के निर्माण से एनएच-31 के बिहपुर हिस्से को एनएच-106 के फुलौत-उदाकिशुनगंज मार्ग से जोड़ा जाएगा.
कई जिलों के बीच घटेगी दूरी
परियोजना पूरी होने के बाद भागलपुर, मधेपुरा और सहरसा समेत आसपास के क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा. फुलौत से बिहपुर और सहरसा के बीच आवागमन में लगने वाला समय और दूरी दोनों कम होने की उम्मीद है.
महासेतु के चालू होने से आम लोगों के साथ व्यापारियों और किसानों को भी सीधा फायदा मिलेगा. कृषि उत्पादों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में आसानी होगी. वहीं आपातकालीन सेवाओं और रोजाना दूसरे जिलों में आने-जाने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण साबित होगा.
अंतिम चरण में निर्माण कार्य
पुल के सभी स्पैन लगाए जाने के बाद अब निर्माण एजेंसियां अंतिम तकनीकी और फिनिशिंग कार्य में जुटी हैं. एक्सपेंशन जॉइंट्स लगाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है. विभाग की ओर से परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा कर फरवरी 2027 तक लोगों के लिए खोलने की उम्मीद जताई गई है.
करीब 29 किलोमीटर लंबा यह महासेतु और पहुंच पथ कोसी और सीमांचल क्षेत्र के साथ भागलपुर की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है. इसके पूरा होने के बाद क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और लोगों की आवाजाही को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.