Bihar Beltron Scam: पटना में साइबर ठगी और बैंकिंग सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है. बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (बेल्ट्रॉन) के बैंक खाते से जालसाजों ने क्लोन चेक के जरिए 2.72 करोड़ रुपये निकाल लिए. हैरानी की बात यह है कि खाते से एक-दो नहीं, बल्कि कुल 56 बार फर्जी चेक के जरिए निकासी होती रही और बैंक को इसकी भनक तक नहीं लगी.
मामला सामने आने के बाद बैंकिंग व्यवस्था और खाते की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं. जांच के बाद बैंक प्रबंधक के बयान पर शास्त्रीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. मामले की जांच सीसीएसयू की ओर से भी की गई है.
नागपुर में छपी असली चेकबुक, कानपुर में तैयार हुए फर्जी चेक
जांच में इस पूरे मामले को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. बेल्ट्रॉन की असली चेकबुक नागपुर की एक अधिकृत एजेंसी में छापी गई थी. बैंक की मंजूरी मिलने के बाद अप्रैल महीने में एजेंसी ने चेकबुक तैयार कर स्पीड पोस्ट के माध्यम से बेल्ट्रॉन के रजिस्टर्ड पते पर भेजी थी.
वहीं, दूसरी तरफ जालसाजों ने कानपुर के एक प्रिंटिंग प्रेस में उसी चेक नंबर का इस्तेमाल कर नकली चेकबुक तैयार करवा ली. इन क्लोन चेक पर कानपुर के प्रिंटिंग प्रेस का नाम भी छपा हुआ था. इसी फर्जी चेकबुक के जरिए बेल्ट्रॉन के खाते से लगातार रकम निकाली जाती रही.
31 अक्टूबर को चेक देखकर हुआ शक
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा 31 अक्टूबर को हुआ, जब एक चेक पर कानपुर के प्रिंटिंग प्रेस का नाम देखकर संदेह हुआ. इसके बाद जब मामले की जांच शुरू की गई तो पता चला कि जालसाज अब तक 56 क्लोन चेक के जरिए खाते से 2.72 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं.
इसके बाद 4 नवंबर को बैंक ने सभी 56 चेक की प्रतियां निकालीं और उन खातों की जानकारी जुटाई, जिनमें निकासी की रकम भेजी गई थी. बैंक की ओर से संबंधित चेक की कॉपी और खातों का पूरा ब्योरा पुलिस को सौंप दिया गया है.
अप्रैल में जारी हुई थी असली चेकबुक
जानकारी के अनुसार, बेल्ट्रॉन की ओर से अप्रैल महीने में बैंक को नई चेकबुक जारी करने का अनुरोध किया गया था. बैंक से मंजूरी मिलने के बाद नागपुर की अधिकृत एजेंसी ने चेकबुक छापकर स्पीड पोस्ट से निगम के रजिस्टर्ड पते पर भेज दी थी.
अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि जालसाजों तक असली चेकबुक और उसके नंबरों की जानकारी कैसे पहुंची और फर्जी चेक के जरिए निकाली गई 2.72 करोड़ रुपये की रकम किन-किन खातों में भेजी गई. फिलहाल बैंक प्रबंधक के बयान पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.