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03-Jan-2026 11:58 AM
By First Bihar
BJP leader firing incident : बिहार में अपराधी अब गृह मंत्री सम्राट चौधरी को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। अपराधी ढूंढ ढूंढ कर भाजपा नेता को निशाना बना रहे हैं और उन्हें गोली भी मार रहे हैं। इसी कड़ी में अब एक ताजा मामला बेगूसराय से सामने आया है जहां पंचायत अध्यक्ष को गोली मार दी गई है। इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इसके बाद अब फिर सम्राट चौधरी के क्राइम कंट्रोल नीति पर सामान उठने शुरू हो गए हैं।
बेगूसराय और खगड़िया जिले की सीमा से सटे इलाके में अचानक उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस सनसनीखेज वारदात में पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं भाजपा नेता विजय सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह घटना बेगूसराय जिले के बखरी थाना क्षेत्र से सटे खगड़िया जिले के बहादुरपुर थाना अंतर्गत बहादुरपुर गांव की बताई जा रही है। बताया जाता है कि शुक्रवार देर शाम अचानक विजय सिंह के घर के पास कुछ असामाजिक तत्व पहुंचे और पहले पथराव व तोड़फोड़ शुरू कर दी। जब आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही अपराधियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोलीबारी की आवाज से पूरा इलाका सहम गया और लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए।
गोलीबारी और मारपीट की इस घटना में विजय सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें आनन-फानन में बखरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें अलौली स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।घायल भाजपा नेता विजय सिंह ने अस्पताल में इलाज के दौरान बताया कि एक जनवरी को गांव के कुछ युवकों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग की जा रही थी। उस समय उन्होंने हालात बिगड़ते देख युवकों को समझाने का प्रयास किया था, ताकि किसी निर्दोष को नुकसान न पहुंचे। लेकिन यही बात उन युवकों को नागवार गुजरी और वे विजय सिंह से नाराज हो गए।
विजय सिंह के अनुसार, दो जनवरी की शाम वही युवक दोबारा उनके पास पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। हालात बिगड़ते देख उन्होंने इसकी शिकायत करने के लिए बहादुरपुर थाना जाने का फैसला किया। लेकिन आरोप है कि इसी दौरान अपराधियों ने रास्ते में उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें शकरपुरा–बहादुरपुर बांध पर ले जाया गया, जहां बंदूक के बट से बेरहमी से पिटाई की गई। मारपीट के दौरान गोली चलने की भी बात सामने आ रही है, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ तौर पर फायरिंग की आवाजें सुनी जा सकती हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अपराधियों ने कितनी बेखौफ होकर गोलीबारी की। वीडियो के वायरल होने के बाद इलाके में डर और दहशत और भी बढ़ गई है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि सीमावर्ती इलाकों में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए। मामले को लेकर बखरी डीएसपी कुंदन कुमार ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में गोली चलने की सूचना मिली थी, लेकिन घटनास्थल खगड़िया जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच संबंधित थाना द्वारा की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घटना के बाद से बहादुरपुर और आसपास के गांवों में तनाव और भय का माहौल है। लोग शाम होते ही घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सीमावर्ती इलाका होने की वजह से अपराधी अक्सर जिले की सीमा का फायदा उठाकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में दोनों जिलों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।
वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि एक जनप्रतिनिधि और राजनीतिक नेता पर इस तरह का हमला बेहद गंभीर मामला है। दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सीमावर्ती इलाकों में अपराध पर लगाम लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।