Barh Boat Accident : पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत उमानाथ गंगा दियारा में गुरुवार सुबह एक बड़ा नाव हादसा हो गया। परवल तोड़ने के लिए छोटी नाव से दियारा क्षेत्र जा रहे लोगों की नाव अचानक गंगा नदी में डूब गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं पांच से छह लोगों के अब भी लापता होने की सूचना है, जिनकी तलाश जारी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उमानाथ घाट से करीब 10 से 12 लोग छोटी नाव पर सवार होकर गंगा दियारा में परवल तोड़ने जा रहे थे। सभी लोग रोज की तरह सुबह खेतों की ओर निकले थे। बताया जा रहा है कि नाव बीच धारा में पहुंचते ही अचानक असंतुलित हो गई और देखते ही देखते पानी में डूब गई। नाव छोटी होने और उसमें अधिक लोगों के सवार रहने की वजह से हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना के बाद नाव पर सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद मछुआरों और ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने अपनी नावों की मदद से कई लोगों को पानी से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज धारा और गहरे पानी के कारण कई लोग बह गए। ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
हादसे की जानकारी मिलते ही बाढ़ अनुमंडल प्रशासन, स्थानीय थाना पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। गोताखोरों की टीम को भी नदी में उतारा गया है ताकि लापता लोगों की तलाश की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि अब तक दो शव बरामद किए गए हैं, जबकि अन्य लोगों की खोज जारी है।
घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजन नदी किनारे पहुंचकर अपनों की तलाश में जुटे हैं। महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द लापता लोगों को खोजने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दियारा इलाके में खेती करने वाले मजदूर और किसान रोज छोटी नावों के सहारे गंगा पार करते हैं। कई बार क्षमता से अधिक लोगों को नाव पर बैठा लिया जाता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने सुरक्षित नाव संचालन और प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने की भी मांग की है।
प्रशासन ने फिलहाल नदी किनारे लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों ने कहा है कि बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और भय का माहौल बना हुआ है।