Bihar News : बिहार की राजनीति में नई पारी की शुरुआत करने वाले जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर अब चुनावी जीत के बाद सीधे जनता के बीच उतरने जा रहे हैं। विधायक बनने के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने अपने क्षेत्र में सक्रिय जनसंपर्क अभियान शुरू करने का फैसला किया है। 11 अगस्त से 19 अगस्त तक वे बांकीपुर विधानसभा के विभिन्न वार्डों का दौरा करेंगे और लोगों से सीधा संवाद कर स्थानीय समस्याओं को समझेंगे।
जन सुराज पार्टी ने इस विशेष जनसंवाद कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। पार्टी का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल लोगों से मुलाकात करना नहीं, बल्कि क्षेत्र की प्राथमिक समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की ठोस कार्ययोजना तैयार करना है।
वार्ड-वार्ड जाकर सुनेंगे जनता की बात
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 अगस्त को प्रशांत किशोर वार्ड संख्या 15, 18 और 40 में पहुंचेंगे। इसके बाद 12 अगस्त को वार्ड 19, 22, 23 और 26 में जनसंवाद करेंगे। 13 अगस्त को वार्ड 29, 16 और 30, जबकि 14 अगस्त को वार्ड 17, 38 और 25 के लोगों से मुलाकात होगी।
16 अगस्त को वार्ड 30, 24 और 27 में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 17 अगस्त को वार्ड 28, 31, 35 और 21 के नागरिकों से संवाद होगा। 18 अगस्त को वार्ड 37, 42 और 36 में लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी। इस पूरे अभियान का समापन 19 अगस्त को वार्ड 41 में जनसंवाद के साथ होगा।
जीत के बाद काम की शुरुआत
हाल ही में हुए बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराकर बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की थी। यह उनकी पहली विधानसभा जीत है। साथ ही, जन सुराज पार्टी को भी पहली बार विधानसभा में प्रतिनिधित्व मिला है।
यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। इस सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन लगातार कई बार विधायक चुने गए थे। उनके राज्यसभा जाने के बाद सीट खाली हुई और उपचुनाव कराया गया, जिसमें प्रशांत किशोर ने जीत हासिल कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए।
तीन महीने में दिखेगा बदलाव
विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि अगले तीन महीनों के भीतर बांकीपुर में विकास कार्यों का असर जमीन पर दिखाई देने लगेगा। उनका कहना है कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना और जनता के साथ लगातार संवाद बनाए रखना है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि बांकीपुर को ऐसा आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाना है, जिसकी कार्यशैली और विकास मॉडल बिहार के अन्य क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण बन सके।
जनता से सीधे जुड़ने की रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव जीतने के तुरंत बाद वार्ड स्तर पर जनसंवाद अभियान शुरू करना प्रशांत किशोर की अलग राजनीतिक शैली को दर्शाता है। आमतौर पर चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर सवाल उठते हैं, लेकिन पीके ने शुरुआत से ही लोगों के बीच रहने की रणनीति अपनाई है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह जनसंवाद अभियान स्थानीय समस्याओं के समाधान में कितना प्रभावी साबित होता है और बांकीपुर में विकास के उनके दावे किस हद तक जमीन पर उतरते हैं।