Bihar News : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने बिहार की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है। इस चुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज करते हुए भाजपा के लंबे समय से चले आ रहे प्रभाव को बड़ा झटका दिया। मतगणना के दौरान जैसे-जैसे ईवीएम खुलती गई, तस्वीर और साफ होती गई। शुरुआती दौर में मुकाबला कांटे का दिखा, लेकिन कुछ ही राउंड के बाद प्रशांत किशोर ने ऐसी बढ़त बनाई, जिसे भाजपा अंत तक चुनौती नहीं दे सकी।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जिन इलाकों को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां भी जन सुराज को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिला। बोरिंग रोड, बुद्धा कॉलोनी, कदमकुआं, मीठापुर, जयप्रकाश नगर, चांदपुर बेला और अशोक राजपथ जैसे क्षेत्रों से मिले वोटों ने प्रशांत किशोर की जीत की मजबूत नींव रखी।
तीसरे राउंड से बदल गई चुनाव की तस्वीर
मतगणना के शुरुआती राउंड में मुकाबला बराबरी का नजर आ रहा था, लेकिन तीसरे राउंड में बोरिंग कैनाल रोड और बोरिंग रोड के बूथों की गिनती शुरू होते ही जन सुराज ने बढ़त बनानी शुरू कर दी। इन इलाकों से प्रशांत किशोर को भारी समर्थन मिला, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार काफी पीछे रह गए।
चौथे राउंड में भाजपा ने एएन कॉलेज, किदवईपुरी और पीएनटी कॉलोनी क्षेत्र में कुछ हद तक वापसी की। यही वह एकमात्र चरण था, जब भाजपा मामूली अंतर से आगे रही। हालांकि यह बढ़त सिर्फ कुछ वोटों की थी और चुनाव की दिशा बदलने के लिए पर्याप्त नहीं साबित हुई।
चकारम और बुद्धा कॉलोनी ने बढ़ाया जीत का अंतर
पांचवें राउंड में चकारम, बुद्धा कॉलोनी और दुजरा क्षेत्र के बूथों की गिनती ने चुनाव को लगभग एकतरफा बना दिया। इन इलाकों से प्रशांत किशोर को बड़ी संख्या में वोट मिले और उनकी बढ़त दोगुनी हो गई। इसके बाद भाजपा पूरे चुनाव में वापसी नहीं कर सकी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहरी मतदाताओं, युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले वोटरों का बड़ा हिस्सा जन सुराज के साथ जाता दिखाई दिया। यही वजह रही कि हर अगले राउंड के साथ प्रशांत किशोर की बढ़त लगातार बढ़ती चली गई।
भाजपा के गढ़ में भी नहीं चला कमल
मतगणना के मध्य चरण में फ्रेजर रोड, लालजी टोला, कदमकुआं, पीरमुहानी, लोहानीपुर और करबिगहिया जैसे इलाकों के नतीजे सामने आए। इन क्षेत्रों को लंबे समय से भाजपा का मजबूत आधार माना जाता रहा है, लेकिन इस बार यहां भी जन सुराज ने बढ़त बनाए रखी।
भाजपा को उम्मीद थी कि इन इलाकों से उसे निर्णायक बढ़त मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कई बूथों पर भाजपा दूसरे स्थान पर रही, जबकि प्रशांत किशोर लगातार पहले स्थान पर बने रहे।
राजद को भी नहीं मिला बड़ा फायदा
चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा कुमारी कुछ राउंड में बेहतर प्रदर्शन करती नजर आईं। विशेष रूप से सिपारा और हरिश्चंद्र नगर क्षेत्र में उन्हें अपेक्षाकृत अधिक वोट मिले, लेकिन यह समर्थन जीत की दौड़ में उन्हें आगे नहीं ले जा सका।
पूरे चुनाव के दौरान मुकाबला मुख्य रूप से जन सुराज और भाजपा के बीच ही सिमटा रहा। राजद तीसरे स्थान पर बनी रही और अधिकांश राउंड में निर्णायक चुनौती पेश नहीं कर सकी।
अंतिम राउंड तक बढ़ता गया जीत का अंतर
19वें राउंड से लेकर अंतिम राउंड तक मीठापुर, यारपुर, जक्कनपुर, पुरंदरपुर, जयप्रकाश नगर, चांदपुर बेला और अशोक राजपथ क्षेत्र से जन सुराज को लगातार बढ़त मिलती रही। इन इलाकों के परिणामों ने प्रशांत किशोर की जीत का अंतर और बढ़ा दिया।
अंतिम चरण की मतगणना में भी भाजपा कोई बड़ा उलटफेर नहीं कर सकी। लगातार मिल रही बढ़त के चलते प्रशांत किशोर ने निर्णायक जीत दर्ज की और बांकीपुर में नया राजनीतिक इतिहास रच दिया।
बिहार की राजनीति के लिए बड़ा संकेत
बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम सिर्फ एक सीट की जीत या हार तक सीमित नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नतीजा बिहार की बदलती राजनीतिक सोच और शहरी मतदाताओं के रुझान का संकेत देता है। खासकर उन इलाकों में, जहां वर्षों से भाजपा का दबदबा माना जाता था, वहां जन सुराज को मिले समर्थन ने आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है।
अब सभी दल इस परिणाम का विश्लेषण कर रहे हैं। जहां जन सुराज इसे अपनी संगठनात्मक रणनीति और जनसंपर्क अभियान की सफलता बता रहा है, वहीं भाजपा ने भी आत्ममंथन की बात कही है। आने वाले समय में यह जीत बिहार की राजनीति पर कितना असर डालेगी, इस पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।