Bankipur By Election Result: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में शुरुआती रुझानों ने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है. लंबे समय से बीजेपी के मजबूत गढ़ के रूप में पहचानी जाने वाली इस सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा पीछे चल रहे हैं. ऐसे में चुनाव से पहले बीजेपी की जीत के जश्न के लिए तैयार कराए गए 200 किलो लड्डू अब चर्चा में आ गए हैं.
दरअसल, बीजेपी खेमे को अपनी जीत का इतना भरोसा था कि नतीजे आने से पहले ही 200 किलो लड्डू तैयार करा लिए गए थे. योजना थी कि मतगणना पूरी होते ही जीत का जश्न मनाया जाएगा और कार्यकर्ताओं व समर्थकों के बीच मिठाइयां बांटी जाएंगी. लेकिन शुरुआती रुझानों में तस्वीर उम्मीद के मुताबिक नहीं दिख रही है. प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा पीछे चल रहे हैं.
रुझानों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इन लड्डुओं को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. लोग मजाकिया अंदाज में सवाल कर रहे हैं कि अगर प्रशांत किशोर की बढ़त आखिर तक कायम रही तो बीजेपी की जीत के लिए तैयार किए गए 200 किलो लड्डुओं का क्या होगा.
1995 से BJP के कब्जे में है बांकीपुर
बांकीपुर विधानसभा सीट को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है. साल 1995 से इस सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है और पार्टी को यहां अब तक हार का सामना नहीं करना पड़ा है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके बाद 30 जुलाई को उपचुनाव कराया गया.
इस बार बांकीपुर सीट पर कुल 34.30 प्रतिशत मतदान हुआ. यह पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में करीब 7 प्रतिशत कम है. उपचुनाव में कुल 26 उम्मीदवार मैदान में हैं.
बीजेपी ने युवा मोर्चा के नेता नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा है, जबकि आरजेडी ने रेखा गुप्ता पर भरोसा जताया है. हालांकि शुरुआती रुझानों में रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर चल रही हैं. फिलहाल मुख्य मुकाबला प्रशांत किशोर और बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के बीच दिखाई दे रहा है.
प्रशांत किशोर के लिए यह चुनाव खास है, क्योंकि यह उनका पहला विधानसभा चुनाव है. चुनावी रणनीतिकार के तौर पर लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद उन्होंने जन सुराज पार्टी के जरिए सीधे चुनावी राजनीति में कदम रखा है.
शुरुआती रुझानों में प्रशांत किशोर की बढ़त को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है. खासकर ऐसी सीट पर जहां बीजेपी लंबे समय से लगातार जीतती रही है, वहां PK का आगे निकलना मुकाबले को काफी दिलचस्प बना रहा है.