Bankipur By Election 2026 : बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार का शोर मंगलवार शाम थम गया। अब 30 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए जिला प्रशासन और चुनाव आयोग पूरी तरह तैयार है। मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार पर पूरी तरह रोक लागू हो गई है। इस दौरान किसी भी तरह की सभा, रैली, जुलूस या सार्वजनिक प्रचार की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम कुंदन कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी 422 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि मतदान प्रक्रिया की पल-पल निगरानी की जा सके। उनके साथ एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा और ट्रैफिक एसपी सागर कुमार भी मौजूद रहे।
बाहरी प्रचारकों को क्षेत्र छोड़ना होगा
डीएम ने बताया कि मतदान से 48 घंटे पहले सभी बाहरी स्टार प्रचारकों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और प्रचार अभियान से जुड़े लोगों को विधानसभा क्षेत्र की सीमा से बाहर जाना होगा। हालांकि, यदि कोई स्टार प्रचारक स्वयं बांकीपुर का मतदाता है तो उसे क्षेत्र छोड़ने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई बाहरी प्रचारक प्रतिबंध अवधि में क्षेत्र के भीतर पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उम्मीदवारों के वाहनों पर भी सख्ती
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक उम्मीदवार को केवल तीन वाहनों के उपयोग की अनुमति होगी। इन वाहनों में चालक सहित अधिकतम पांच लोग ही बैठ सकेंगे। वहीं सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म या अन्य माध्यमों पर किसी भी राजनीतिक विज्ञापन या प्रचार सामग्री के प्रसारण से पहले एमसीएमसी (Media Certification and Monitoring Committee) की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी।
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में 85 वर्ष से अधिक आयु के 3,166 मतदाता तथा 1,024 दिव्यांग मतदाता पंजीकृत हैं। इनके लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। कुल 29 चलंत मतदान केंद्र, 30 आदर्श मतदान केंद्र, एक महिला मतदान केंद्र, एक युवा मतदान केंद्र और एक दिव्यांग अनुकूल मतदान केंद्र बनाया गया है। मतदान केंद्रों में पेयजल, शौचालय, रैंप और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम के 1,266 कर्मियों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 14 कंपनियां तैनात की हैं। इसके अलावा 9 फ्लाइंग स्क्वॉड, 18 स्टैटिक सर्विलांस टीम, 6 वीडियो सर्विलांस टीम, 3 वीडियो व्यूइंग टीम और 42 सेक्टर पदाधिकारी लगातार निगरानी करेंगे। अब तक आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के पांच मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
मतदान केंद्रों के आसपास रहेगी सख्ती
पुलिस महानिरीक्षक (केंद्रीय क्षेत्र) जितेंद्र राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदान केंद्र से 200 मीटर के दायरे में किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से रुकने की अनुमति नहीं होगी। मतदान केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मी इसकी निगरानी करेंगे। ईवीएम की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी भी संबंधित पुलिस अधिकारियों की होगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ईवीएम लेकर जाने वाले वाहन बीच रास्ते में कहीं नहीं रुकेंगे और सीधे मतदान केंद्र तथा बाद में वज्रगृह तक पहुंचेंगे।
सात थाना क्षेत्रों में हाई अलर्ट
उपचुनाव को देखते हुए शहर के गांधी मैदान, पीरबहोर, कदमकुआं, कोतवाली, सचिवालय, बुद्धा कॉलोनी और श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग 1,400 अर्द्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, राजापुर, गोलघर और अन्य संवेदनशील इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है ताकि मतदाता बिना किसी डर के मतदान कर सकें।
होटलों और संवेदनशील इलाकों पर नजर
पुलिस ने रेलवे स्टेशन, आर ब्लॉक, बोरिंग रोड और शहर के प्रमुख होटलों की जांच की है। बाहर से आए राजनीतिक कार्यकर्ताओं का सत्यापन किया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कई लोगों से पूछताछ की गई है और दो दर्जन से अधिक लोगों पर धारा 107 के तहत कार्रवाई की गई है। हाल ही में जेल से छूटे अपराधियों की निगरानी के लिए छह सदस्यीय विशेष टीम भी गठित की गई है।
हेल्पलाइन 1950 से मिलेगी हर जानकारी
मतदाताओं की सुविधा के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। किसी भी जानकारी के लिए मतदाता टोल फ्री हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। जिन मतदाताओं के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, वे निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक के आधार पर मतदान कर सकेंगे।
30 जुलाई को होने वाले इस उपचुनाव में 25 उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में प्रशासन का पूरा फोकस शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान कराने पर है, जबकि राजनीतिक दलों की नजर अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने पर रहेगी।