Bankipur By Election : बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव में गुरुवार सुबह से मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। मतदान शुरू होते ही आम मतदाताओं के साथ-साथ वीवीआईपी वोटर्स भी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे। सबसे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्मभूषण डॉ. सी.पी. ठाकुर तथा नवादा से सांसद विवेक ठाकुर ने परिवार के साथ मतदान कर लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी निभाई। दोनों नेताओं ने मतदान के बाद लोगों से भी बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की।
सुबह से ही राजधानी पटना के विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच मतदान प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का दावा है कि सभी बूथों पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
डाकबंगला रोड स्थित मतदान केंद्र पर डाला वोट
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सी.पी. ठाकुर और सांसद विवेक ठाकुर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या-144 स्थित बिहार राज्य पुस्तकालय प्राधिकार परिसर, डाकबंगला रोड के मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर नागरिक का वोट बेहद महत्वपूर्ण है और प्रत्येक मतदाता को बिना किसी डर या दबाव के मतदान करना चाहिए। उन्होंने युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से भी उत्साहपूर्वक मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतदान सबसे बड़ा अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है।
कई दिग्गज नेताओं के मतदान पर टिकी नजर
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि यहां रहने वाले वीवीआईपी मतदाताओं की वजह से भी हमेशा चर्चा में रहता है। इस सीट पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, मंत्री अशोक चौधरी, गोपाल प्रसाद और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मतदाता हैं। दिन चढ़ने के साथ इन सभी नेताओं के भी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डालने की संभावना है। ऐसे में पूरे दिन मीडिया और राजनीतिक दलों की नजर इन वीवीआईपी मतदान केंद्रों पर बनी हुई है।
क्यों खास है बांकीपुर विधानसभा सीट?
बांकीपुर विधानसभा सीट को बिहार की सबसे प्रतिष्ठित और हाई-प्रोफाइल सीटों में गिना जाता है। यह सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार पांच बार यहां से विधायक चुने गए। उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट रिक्त हो गई, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
राजधानी पटना के राजनीतिक और प्रशासनिक केंद्र में स्थित इस विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में वरिष्ठ राजनेता, पूर्व मंत्री, नौकरशाह और प्रभावशाली मतदाता निवास करते हैं। यही वजह है कि इस उपचुनाव को केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति के लिए एक अहम परीक्षा माना जा रहा है।
सुबह 7 बजे से जारी है मतदान
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया, जो शाम तक जारी रहेगा। निर्वाचन आयोग की ओर से मतदान के लिए कुल 422 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार इस सीट पर 3.79 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
मतदान को लेकर सभी बूथों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल, अर्धसैनिक बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन लगातार मतदान प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है ताकि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
25 उम्मीदवार मैदान में, लेकिन मुकाबला त्रिकोणीय
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में कुल 25 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों की नजर मुख्य रूप से त्रिकोणीय मुकाबले पर है। भारतीय जनता पार्टी ने नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता पर भरोसा जताया है। वहीं जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर चुनावी मैदान में हैं।
तीनों प्रमुख उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकी थी। अब फैसला बांकीपुर की जनता के हाथ में है, जो मतदान के जरिए अपने प्रतिनिधि का चयन कर रही है।
बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं करेगा, बल्कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीतिक दिशा और प्रमुख दलों की ताकत का भी संकेत देगा। इसलिए पूरे राज्य की निगाहें इस हाई-प्रोफाइल सीट पर टिकी हुई हैं।