पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के मतदान के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से मतदान केंद्रों पर हर मतदाता की EPIC ID और मतदाता सूची से सख्त मिलान कराने की मांग के बाद अब जनसुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा की इस मांग का स्वागत करते हुए कहा कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष होना चाहिए और किसी भी कीमत पर फर्जी मतदान नहीं होने दिया जाना चाहिए।


प्रशांत किशोर ने कहा, "भाजपा ने बहुत दिनों के बाद बहुत अच्छा काम किया है। उस पत्र में एक चीज जो लिखी है कि फर्जी मतदान ना हो। इसके लिए कड़ाई से EPIC ID और नाम का मिलान किया जाए, हम इसका स्वागत करते हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह जरूरी है कि हर वोट सही मतदाता ही डाले और मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे। उनका कहना था कि यदि पहचान की सख्त जांच होती है तो इससे चुनाव की विश्वसनीयता और जनता का भरोसा दोनों मजबूत होंगे।


दरअसल, इससे पहले भाजपा बिहार के राज्य महासचिव नितिन अभिषेक ने बांकीपुर विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर (डीसीएलआर) को एक पत्र भेजकर मतदान के दौरान मतदाताओं की पहचान की कड़ी जांच सुनिश्चित करने की मांग की थी। भाजपा ने अपने पत्र में आशंका जताई थी कि कुछ लोग फर्जी मतदान का प्रयास कर सकते हैं। इसी को देखते हुए पार्टी ने चुनाव प्रशासन से विशेष सतर्कता बरतने का अनुरोध किया है।


भाजपा की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मतदान केंद्र पर आने वाले प्रत्येक मतदाता से उसका मूल इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड (EPIC ID) प्रस्तुत कराया जाए। इसके बाद कार्ड पर दर्ज जानकारी का आधिकारिक मतदाता सूची में उपलब्ध विवरण से सावधानीपूर्वक मिलान किया जाए। यदि किसी मतदाता की पहचान को लेकर संदेह हो तो चुनाव आयोग के निर्धारित नियमों के तहत ही आगे की कार्रवाई की जाए।


पत्र में यह भी कहा गया है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव लोकतंत्र की सबसे मजबूत आधारशिला है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति फर्जी तरीके से मतदान करता है तो इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होती है। भाजपा ने मतदान केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और चुनाव आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने की अपील की है।


भाजपा की इस मांग पर प्रशांत किशोर का समर्थन राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। आमतौर पर चुनावी मुकाबले में एक-दूसरे पर आरोप लगाने वाले दलों के बीच इस मुद्दे पर सहमति देखने को मिली है। प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि यदि EPIC ID और मतदाता सूची का कड़ाई से मिलान होता है तो इससे फर्जी मतदान की आशंकाओं पर रोक लगेगी और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।


बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान के दौरान पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। सभी प्रमुख दल अपने-अपने बूथ प्रबंधन और मतदाताओं पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे समय भाजपा की ओर से चुनाव प्रशासन को पत्र भेजना और उसके बाद प्रशांत किशोर द्वारा उसी मांग का समर्थन करना इस उपचुनाव की बड़ी राजनीतिक घटनाओं में शामिल हो गया है।


फिलहाल चुनाव प्रशासन की ओर से इस पत्र पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि मतदान प्रक्रिया जारी है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन पहचान सत्यापन को लेकर क्या अतिरिक्त कदम उठाता है। इस बीच एक बात स्पष्ट है कि बांकीपुर उपचुनाव में मतदान के साथ-साथ फर्जी वोटिंग, EPIC ID जांच और निष्पक्ष चुनाव का मुद्दा भी राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।