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26-Dec-2025 10:47 AM
By First Bihar
CBI raid : बांका जिले के रजौन बाजार में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली से आई केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी कर करोड़ों रुपये की ठगी और गबन के एक बड़े मामले में तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई में दस वर्षों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी अमित कुमार सिंह उर्फ राकेश कुमार की गिरफ्तारी भी हुई है।
जानकारी के अनुसार, सीबीआई की यह कार्रवाई रजौन बाजार स्थित एक होटल में की गई। गुप्त सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर सीबीआई को यह इनपुट मिला था कि आरोपी होटल में ठहरा हुआ है। इसके बाद सीबीआई की टीम रजौन थाना पहुंची और स्थानीय पुलिस को साथ लेकर पूरी योजना के तहत छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान होटल के एक कमरे से मुख्य आरोपी अमित कुमार सिंह उर्फ राकेश कुमार के साथ दो अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। तीनों से मौके पर प्रारंभिक पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें रजौन थाना लाया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सीबीआई की टीम तीनों को अपने साथ दिल्ली लेकर रवाना हो गई।
बताया जा रहा है कि अमित कुमार सिंह के खिलाफ वर्ष 2015 में दिल्ली में एक बड़े फर्जीवाड़े, करोड़ों रुपये की ठगी और गबन का मामला दर्ज हुआ था। मामला दर्ज होने के बाद से ही वह लगातार अपना ठिकाना बदलते हुए फरार चल रहा था। पिछले करीब दस वर्षों से सीबीआई उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन बार-बार लोकेशन बदलने के कारण एजेंसी को सफलता नहीं मिल पा रही थी।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, तकनीकी निगरानी और लगातार इनपुट के आधार पर हाल ही में आरोपी की लोकेशन रजौन बाजार में ट्रेस की गई। सूचना पुख्ता होने के बाद दिल्ली से विशेष टीम को बांका भेजा गया और स्थानीय पुलिस के सहयोग से यह बड़ी कार्रवाई की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अमित कुमार सिंह बेहद शातिर किस्म का ठग है। वह खुद को कभी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), कभी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और कभी ब्रिटिश पुलिस फोर्स का अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। अक्टूबर-नवंबर 2012 में केरल के त्रिवेंद्रम निवासी आई.वी. सदानंदन से उसने अपने सहयोगियों सैयद मेराज सहित अन्य के साथ मिलकर लोन दिलाने के नाम पर 3 लाख 46 हजार रुपये की ठगी की थी। इसी मामले से जुड़ी जांच आगे चलकर बड़े फर्जीवाड़े के रूप में सामने आई।
सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद रजौन बाजार सहित आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल गर्म है। स्थानीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि इस बड़े ठगी और हेराफेरी के मामले में जिले के कुछ नामचीन स्थानीय लोगों और कथित सफेदपोशों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सीबीआई अधिकारियों ने फिलहाल मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान देने से इनकार किया है, लेकिन संकेत दिए जा रहे हैं कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
कुल मिलाकर, रजौन बाजार में हुई यह कार्रवाई न केवल सीबीआई के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर ठग की गिरफ्तारी से पीड़ितों को भी न्याय की उम्मीद जगी है।