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01-Mar-2026 01:54 PM
By First Bihar
Bihar New Bridge : बिहार में आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे इस पुल के निर्माण के बाद दक्षिण और उत्तर बिहार के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा।
यह पुल एनएच-31 स्थित बख्तियारपुर (पटना) को एनएच-28 के ताजपुर (समस्तीपुर) से जोड़ेगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना तथा पटना के व्यस्त पुलों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना है। वर्तमान में महात्मा गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु पर वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है, जिससे अक्सर लंबा जाम लग जाता है। नए पुल के चालू होने के बाद इन दोनों पुलों पर यातायात का बोझ कम होने की उम्मीद है।
3923 करोड़ की स्वीकृत परियोजना
बिहार सरकार ने इस परियोजना के लिए दूसरी प्रशासनिक स्वीकृति के तहत 3923 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। पुल-सह-पहुंच पथ परियोजना के तहत केवल 5.5 किमी पुल ही नहीं, बल्कि दोनों ओर कुल 45.74 किलोमीटर लंबी सड़क का भी निर्माण किया जा रहा है।
इसमें ताजपुर (समस्तीपुर) की ओर 41.25 किलोमीटर और बख्तियारपुर (पटना) की ओर 4.50 किलोमीटर सड़क बनाई जानी है। अधिकारियों के अनुसार समस्तीपुर जिले में चक लालशाही से ताजपुर खंड तक 16.2 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष हिस्सों का काम भी तेजी से चल रहा है।
बीएसआरडीसीएल की निगरानी में निर्माण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) की देखरेख में किया जा रहा है। विभागीय पदाधिकारियों का कहना है कि कार्य की गति संतोषजनक है और निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। यह परियोजना जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित है, जिससे गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।
कई जिलों और राज्यों को होगा सीधा लाभ
इस पुल के निर्माण से उत्तर और दक्षिण बिहार के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। उत्तर बिहार के समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, सहरसा और पूर्णिया जैसे जिलों का संपर्क पटना, गया, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, जहानाबाद, अरवल और नालंदा जैसे दक्षिणी जिलों से अधिक सुगम हो जाएगा। इसके अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से भी कनेक्टिविटी मजबूत होगी। नेपाल सीमा से सटे जिलों के लिए यह पुल व्यापार और आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
व्यापार और कृषि को मिलेगा बढ़ावा
नए पुल से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। क्षेत्र के लाखों किसानों को अपनी उपज को बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत होगी। कृषि उत्पादों के निर्यात-आयात का नया मार्ग खुलने से किसानों की आय में वृद्धि की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुल बिहार के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योग, पर्यटन और परिवहन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
2027 में खुलेगा आवागमन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यदि निर्माण कार्य निर्धारित गति से चलता रहा तो जून 2027 तक इस पुल से वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके चालू होते ही गंगा के दोनों किनारों के बीच दूरी और समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा पुल बिहार के लिए एक गेम चेंजर परियोजना साबित हो सकती है, जो राज्य की यातायात व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई दिशा देगी।