Char Dham Yatra : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बदरीनाथ धाम से फाटा की ओर जा रहा एक हेलिकॉप्टर अचानक रडार/लोकेशन से गायब हो गया। हेलिकॉप्टर के क्रैश होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह घटना चमोली जिले में जोशीमठ के पास हाथी पहाड़ के पीछे चायी गांव के आसपास की बताई जा रही है। हालांकि, अभी तक हेलिकॉप्टर का मलबा बरामद नहीं किया जा सका है।
हेलिकॉप्टर की लोकेशन अचानक गायब होने के बाद स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस, प्रशासन, आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू टीमों ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। हेलिकॉप्टर की तलाश के लिए दो अन्य हेलिकॉप्टरों को भी अभियान में लगाया गया है। लेकिन पहाड़ों पर लगातार बदल रहा मौसम इस पूरे ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
बताया जा रहा है कि यह हेलिकॉप्टर ट्रांस भारत कंपनी का है। पैसेंजर मैनिफेस्ट के अनुसार हेलिकॉप्टर में कुल छह लोग सवार थे। इनमें पांच यात्रियों के नाम चंद्रकांत, राजश्री, दिनेश, आकाश और अथर्व बताए जा रहे हैं। इनके अलावा हेलिकॉप्टर में पायलट भी मौजूद थे, जिनकी पहचान हिमांशु के रूप में सामने आई है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि हेलिकॉप्टर आखिर कहां गया? जिस इलाके में उसकी आखिरी लोकेशन मिलने की बात सामने आई है, वहां मौसम बेहद खराब बताया जा रहा है। लगातार बारिश के साथ घने बादल छाए हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्र में कम विजिबिलिटी के कारण हवाई और जमीनी दोनों तरह के सर्च ऑपरेशन में परेशानी आ रही है।
रेस्क्यू टीमों की नजर बदरीनाथ से जोशीमठ के बीच के पहाड़ी इलाकों पर है। स्थानीय स्तर पर भी संभावित जगहों पर तलाश की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि हेलिकॉप्टर की सटीक लोकेशन जल्द से जल्द मिल सके, ताकि मलबे तक पहुंचकर आगे की स्थिति स्पष्ट की जा सके।
हेलिकॉप्टर में सवार यात्रियों और पायलट की स्थिति को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए किसी भी तरह के नुकसान या जनहानि की पुष्टि अभी नहीं की गई है। प्रशासन की टीमें लगातार अभियान में जुटी हैं और मौसम में सुधार होने पर सर्च ऑपरेशन को और तेज किए जाने की उम्मीद है।
चारधाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर सेवाओं को लेकर मौसम पहले भी चुनौती बनता रहा है। अक्टूबर महीने में ही उत्तराखंड में हेलिकॉप्टरों की दो इमरजेंसी लैंडिंग की घटनाएं सामने आई थीं। इनमें एक घटना रुद्रप्रयाग में खराब मौसम की वजह से हुई थी, जबकि दूसरी घटना टिहरी में तकनीकी खराबी के कारण हेलिकॉप्टर को आपात स्थिति में उतारना पड़ा था।
अब चमोली में हेलिकॉप्टर की लोकेशन गायब होने की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर उड़ानों के दौरान मौसम की चुनौती को सामने ला दिया है। फिलहाल सभी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी है। हेलिकॉप्टर का मलबा मिलने और उसमें सवार लोगों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।