Bihar News : बिहार के औरंगाबाद जिले में एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। नवीनगर प्रखंड के रामनगर इलाके में स्कूल जा रहे बच्चों से भरी एक पिकअप वैन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में 10 से अधिक बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बच्चों की मदद के लिए दौड़ पड़े। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी बच्चे की जान नहीं गई।


जानकारी के अनुसार, कॉलेज मोड़ स्थित शिवम पब्लिक स्कूल की ओर से बच्चों को लाने-ले जाने के लिए प्रतिदिन एक पिकअप वाहन का उपयोग किया जाता था। सुबह भी वही वाहन रामनगर गांव पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वाहन में उसकी क्षमता से अधिक करीब 20 बच्चों को बैठाया गया था। इसी दौरान रास्ते में चालक संतुलन खो बैठा और तेज रफ्तार पिकअप सड़क किनारे पलट गई।


हादसे के बाद वाहन में सवार बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चों को वाहन से बाहर निकाला। कई बच्चे चोट लगने से रो रहे थे, जबकि कुछ को हल्की गंभीर चोटें आईं। घायलों को पहले पास के निजी क्लीनिक में ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चों को बेहतर इलाज के लिए रेफरल अस्पताल भेजा गया।


इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस पिकअप वाहन से बच्चों को ढोया जा रहा था, वह स्कूल वाहन के रूप में पंजीकृत नहीं था। इसके बावजूद लंबे समय से उसी वाहन का इस्तेमाल स्कूली बच्चों के परिवहन में किया जा रहा था। लोगों का कहना है कि पहले भी स्कूल प्रबंधन को इस संबंध में चेतावनी दी गई थी, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया गया।


प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के समय चालक मोबाइल फोन पर बात कर रहा था और वाहन तेज रफ्तार में चला रहा था। इसी लापरवाही के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और पिकअप पलट गई। स्थानीय निवासी आसिफ अंसारी, राजू अंसारी और महताब अंसारी समेत कई लोगों ने नवीनगर थाना पहुंचकर मामले में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


घटना की सूचना मिलते ही नवीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष मृत्युंजय उपाध्याय ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


इस हादसे ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों की अनदेखी कर बच्चों को ओवरलोड वाहनों में ढोना और बिना पंजीकरण वाले वाहनों का इस्तेमाल करना बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में चल रहे सभी स्कूल वाहनों की जांच कराई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।