औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। ओबरा-बेल-पौथू मुख्य सड़क पर भताड़ी गांव के समीप तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने साइकिल से घर लौट रही दो छात्राओं को टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि एक छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी ने अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में गुस्सा फैल गया और ग्रामीणों ने शवों को सड़क पर रखकर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।


जानकारी के अनुसार, मृतक छात्राएं नरौला गांव की रहने वाली थीं। इनमें 14 वर्षीय असिया प्रवीण, जो रुस्तम अली की पुत्री थी, और 15 वर्षीय अपसरी खातून, जो रिजाउद्दीन अंसारी की बेटी थी, शामिल हैं। दोनों छात्राएं प्रतिदिन की तरह बराही बाजार स्थित कोचिंग संस्थान से पढ़ाई कर साइकिल से अपने गांव लौट रही थीं। इसी दौरान भताड़ी गांव के पास तेज गति से आ रही एक स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी तेज थी कि असिया प्रवीण ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल अपसरी खातून को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल सदर अस्पताल, औरंगाबाद ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


घटना से नाराज ग्रामीणों ने बराही के समीप ओबरा-बेल-पौथू सड़क पर दोनों छात्राओं के शव रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पीड़ित परिवारों को तत्काल सरकारी मुआवजा देने और दोषी वाहन चालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक प्रशासन मुआवजे का आश्वासन नहीं देगा, तब तक न तो जाम हटाया जाएगा और न ही शवों को उठाने दिया जाएगा।


करीब एक घंटे तक सड़क जाम रहने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। जाम की सूचना मिलते ही पौथू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष संजय कुमार, दारोगा अरुण कुमार गुप्ता, फेसर थाना के सहायक अवर निरीक्षक सुमन कुमार तथा बेल पंचायत के मुखिया नसीम अख्तर ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान पौथू पंचायत के पूर्व मुखिया शंभू भारती भी मौके पर मौजूद रहे और लोगों को समझाने में प्रशासन का सहयोग किया।


काफी समझाइश और प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेज दिया।पुलिस ने हादसे में शामिल स्कॉर्पियो को भी जब्त कर लिया है। वाहन चालक की तलाश की जा रही है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।


इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज गति से वाहन चलते हैं, जिससे पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क पर स्पीड कंट्रोल के लिए ठोस कदम उठाने और नियमित निगरानी की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।