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29-Nov-2025 11:21 AM
By First Bihar
Bihar news : बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला प्रखंड स्थित राजकीय अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय उच्च विद्यालय में सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई। नाश्ता करने के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से उठे तेज धुएं ने छात्राओं में हड़कंप मचा दिया। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि धुआं से चार छात्राएं बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। घटना के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन सक्रिय हुआ और बेहोश छात्राओं को आनन-फानन में अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर इलाज दिया जा रहा है।
स्कूल की वार्डन ने बताया कि घटना सुबह लगभग 8 बजे के आसपास हुई, जब सभी छात्राएं मेस हॉल में नाश्ता कर रही थीं। उसी दौरान अचानक एक कमरे में लगे बिजली के बोर्ड से चिंगारी उठी और देखते ही देखते घना धुआं फैल गया। वार्डन ने बताया कि धुआं उठते ही छात्राएं डर गईं और बाहर की ओर भागने लगीं। भगदड़ जैसी स्थिति बनने लगी, इसी बीच चार छात्राएं अधिक धुआं सूंघ लेने से बेहोश हो गईं। उनके गिरते ही पूरे कैंपस में चीख-पुकार मच गई और सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकालने में जुट गए।
स्कूल प्रशासन ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस स्कूल पहुंची और बेहोश हुई छात्राओं को बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि सभी छात्राओं की स्थिति अभी स्थिर है, लेकिन एहतियातन उन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया है ताकि सांस लेने में किसी प्रकार की समस्या न हो। डॉक्टरों ने कहा कि धुएं के कारण उन्हें अस्थायी रूप से सांस की परेशानी हुई थी, जो प्राथमिक उपचार के बाद नियंत्रण में आ गई है।
घटना की खबर गांव और आसपास के इलाकों में तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में अभिभावक और स्थानीय लोग स्कूल पहुंच गए। स्कूल के बाहर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे अफरा-तफरी और बढ़ गई। सभी अपने-अपने बच्चों की जानकारी लेने के लिए बेचैन दिखाई दिए। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों को समझाया कि स्थिति अब सामान्य है और सभी छात्राएं सुरक्षित हैं।
स्कूल की वार्डन ने बताया कि शॉर्ट सर्किट किस कारण हुआ, इसका पता लगाने के लिए बिजली विभाग को सूचना दे दी गई है। प्राथमिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि खराब वायरिंग या ओवरलोड की वजह से यह घटना हुई होगी। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि पूरे परिसर की विद्युत व्यवस्था की जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटना न दोहराई जाए। वार्डन ने यह भी कहा कि छात्राओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आवासीय विद्यालय में आए दिन बिजली से जुड़े छोटे-मोटे तकनीकी समस्याएं सामने आती रहती हैं, लेकिन इस बार की घटना काफी गंभीर थी। उनका कहना है कि प्रशासन को ऐसे संस्थानों में नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट करवाना चाहिए, खासकर उन जगहों पर जहां बच्चों का आवासीय प्रबंधन होता है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने भी अस्पताल जाकर छात्राओं का हालचाल लिया और घटना की पूरी जानकारी जुटाई। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और स्कूल प्रशासन को सख्त निर्देश दिया जाएगा कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिजली व्यवस्था में लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल अस्पताल में भर्ती सभी छात्राओं की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि जल्द ही छात्राओं को वापस स्कूल भेज दिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर से स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और बिजली प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।