PATNA: बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद कुमार उर्फ छोटू सिंह को उनके पद से हटाने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है।


बताया जा रहा है कि छोटू सिंह को इससे पहले जनता दल (यूनाइटेड) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बाद अब उन्हें नागरिक परिषद के महासचिव पद से भी हटा दिया गया है।


मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अरविंद कुमार उर्फ छोटू सिंह अब नागरिक परिषद के महासचिव पद पर कार्यरत नहीं रहेंगे। इस फैसले के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।


हालांकि, सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में पद से हटाने के निर्णय का विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। फिलहाल, इस कार्रवाई को उनके पूर्व निष्कासन और हालिया प्रशासनिक निर्णय के संदर्भ में देखा जा रहा है।



JDU से निष्कासित होने के बाद छोटू सिंह को अब नागरिक परिषद के महासचिव के पद से भी हटा दिया गया है। इस संबंध में कैबिनेट सचिवालय ने पत्र जारी कर दिया है।


 कैबिनेट सचिवालय के पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की सिफारिश पर अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह को बिहार नागरिक परिषद का महासचिव नियुक्त किया गया था। अब उन्हें इस पद से मुक्त किया जाता है । आज 11 जुलाई को यह पत्र जारी किया गया है।


बता दें, जेडीयू ने 10 जुलाई को बड़ी कार्रवाई करते हुए पार्टी के पूर्व महासचिव अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह को पार्टी से निकाल दिया  था। दल विरोधी आचरण के मद्देनजर प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने छोटू सिंह को 6 सालों के लिए बाहर कर दिया था।  पार्टी से निकाले जाने के बाद अब इन्हें नागरिक परिषद के महासचिव के पद से भी हटा दिया गया है।