Bihar Crime : बिहार के आरा में सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी सह क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस हत्याकांड को अचानक अंजाम नहीं दिया गया था, बल्कि इसकी साजिश पहले से रची गई थी। हत्या के लिए अक्टूबर महीने के पहले सप्ताह में ही करीब दो लाख रुपये अग्रिम राशि के तौर पर दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद कथित तौर पर शूटरों ने कई दिनों तक रामकुमार सिंह की गतिविधियों और आने-जाने के रास्तों की रेकी की। 15 अक्टूबर की सुबह कनकपुरी मोहल्ले में उनकी हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले में पुलिस ने तीन और आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि कथित शूटरों की तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड में मुख्य शूटर के तौर पर पिंटू का नाम सामने आया है।आरोप है कि उसने हत्या की सुपारी लेने के बाद अपने सहयोगियों पवन, नंदन और अन्य लोगों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। जांच में सुपारी की रकम, हत्या की तैयारी और आरोपितों के बीच संपर्कों की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, फरार आरोपितों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
तीन नए आरोपित गिरफ्तार, पहले भी पकड़ा गया था एक आरोपी
रामकुमार सिंह हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए चंदन सिंह, अभिषेक कुमार और टीपू कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मनोज सिंह उर्फ लक्की की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस तरह मामले में अब तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस अन्य आरोपितों और फरार शूटरों तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित चंदन सिंह के घर से एक काले रंग की थार गाड़ी, एक पिस्टल, एक मैगजीन और दो गोलियां बरामद की हैं। पुलिस बरामद हथियारों और गाड़ी की हत्याकांड में संभावित भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि वारदात की योजना किसने बनाई, सुपारी की रकम किसने दी और हत्या को अंजाम देने में किसकी क्या भूमिका थी।
गिरफ्तार आरोपितों में चंदन सिंह सिंगही का रहने वाला है। अभिषेक कुमार बिंद टोली और टीपू कुमार सिंह चंदवा हाउसिंग कॉलोनी का निवासी बताया गया है।वहीं, पहले गिरफ्तार किया गया मनोज सिंह उर्फ लक्की बड़हरा के महुदही गांव का रहने वाला है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चंदन सिंह के खिलाफ आरा टाउन थाना में तीन और मुफस्सिल थाना में दो पुराने आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे तीन संदिग्ध, बाइक से भागने का आरोप
इस हत्याकांड की जांच में सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 15 अक्टूबर की सुबह रामकुमार सिंह की हत्या के बाद आरोपित बाइक से फरार हुए थे। उनके भागने का संभावित रास्ता कतीरा, पकड़ी, मौलाबाग और पुरानी पुलिस लाइन-सलेमपुर रोड बताया जा रहा है। पुलिस के हाथ लगे सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति गमछे से चेहरा ढककर बाइक चलाता दिखाई दे रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसकी पहचान पिंटू के रूप में होने की बात सामने आई है। बाइक पर पीछे दो अन्य लोगों के सवार होने की भी जानकारी मिली है। हालांकि, फुटेज में दिख रहे व्यक्तियों की पहचान और हत्या में उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के जरिए की जानी है।
पुलिस को यह संकेत भी मिले हैं कि वारदात के बाद कुछ आरोपित बिहार से बाहर भाग सकते हैं या भाग चुके हैं। इसी आशंका के आधार पर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कथित शूटर पिंटू, पवन और उनके सहयोगियों के सिंगही तथा चंदवा इलाके में पहले रहने की जानकारी भी जुटाई गई है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है।
जमीन पर कब्जे के विवाद में हत्या की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे जमीन विवाद की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिंगही गांव में स्थित जमीन पर दखल-कब्जा करने की नीयत से रामकुमार सिंह की हत्या की साजिश रची गई थी। इस मामले में मृतक के पुत्र अमित ने 14 नामजद आरोपितों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जमीन विवाद कब और कैसे शुरू हुआ, किन लोगों को इससे फायदा हो सकता था और हत्या की साजिश में कौन-कौन शामिल था। पुलिस सुपारी के लिए कथित तौर पर दी गई दो लाख रुपये की अग्रिम राशि के लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर फरार शूटरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
फरार शूटरों की गिरफ्तारी पर टिकी पुलिस की नजर
रामकुमार सिंह की हत्या के मामले में अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कथित मुख्य शूटर पिंटू, पवन, नंदन और अन्य फरार आरोपितों को गिरफ्तार करना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां से आए और वारदात के बाद आरोपितों ने किन लोगों की मदद ली।चार आरोपितों की गिरफ्तारी, हथियारों की बरामदगी और सीसीटीवी फुटेज से मिले सुरागों के बीच जांच आगे बढ़ रही है। अब देखना होगा कि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इस हत्याकांड की पूरी साजिश का खुलासा कब तक कर पाती है।