STF Bihar : लोजपा (रामविलास) के नेता और सिने कारोबारी अंट्टू ईस्सर को मंगलवार की शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ, डीआईयू और नगर थाने की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बहादुरपुर स्थित उनके आवास पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, जहानाबाद के हुलासगंज निवासी भानु कुमार हत्याकांड में हाजीपुर कोर्ट से अंट्टू ईस्सर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी था। कई दिनों से पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी।
मंगलवार को जैसे ही पुलिस टीम को अंट्टू ईस्सर के बहादुरपुर स्थित आवास पर मौजूद होने की सूचना मिली, एसटीएफ, डीआईयू और नगर थाना पुलिस की टीम वहां पहुंच गई। पुलिस ने पूरे मकान को चारों तरफ से घेर लिया, ताकि किसी भी रास्ते से आरोपी के निकलने की गुंजाइश न रहे।
पुलिस पहुंची तो कमरे में बंद हो गए अंट्टू ईस्सर
पुलिस की कार्रवाई के दौरान अंट्टू ईस्सर ने खुद को एक कमरे के अंदर बंद कर लिया। पुलिस ने काफी प्रयास किया कि कमरे का दरवाजा खोला जाए, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट और समस्तीपुर सीओ आदित्य शंकर की उपस्थिति में पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ने की कार्रवाई शुरू की।
ताला टूटने के बाद पुलिस टीम कमरे के अंदर पहुंची और अंट्टू ईस्सर को बाहर निकालकर हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें नगर थाने ले जाया गया। बताया गया कि रात करीब 8:40 बजे उन्हें नगर थाने पहुंचाया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान इलाके में काफी हलचल रही। पुलिस टीम द्वारा हथियार बरामदगी को लेकर भी जांच की जा रही थी। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।
हाजीपुर कोर्ट के वारंट पर हुई गिरफ्तारी
नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि हाजीपुर कोर्ट से अंट्टू ईस्सर की गिरफ्तारी के लिए वारंट निर्गत था। इसी वारंट के आधार पर पुलिस टीम कार्रवाई कर रही थी। अंट्टू ईस्सर की राजनीतिक पहचान भी है। वह लोजपा (रामविलास) के संसदीय बोर्ड के प्रदेश सचिव बताए जाते हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पार्टी के जिलाध्यक्ष अनुपम कुमार सिंह उर्फ हीरा सिंह ने इस मामले में फिलहाल कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है।
गांधी सेतु के पास कार से मिला था भानु का शव
जिस मामले में अंट्टू ईस्सर की गिरफ्तारी हुई है, उसकी कड़ी हाजीपुर के गांधी सेतु इलाके से जुड़ी है। पुलिस के अनुसार, 19 फरवरी को हाजीपुर के गंगाब्रिज थाना क्षेत्र में गांधी सेतु के पिलर संख्या एक के पास खड़ी ऑल्टो कार से एक युवक का शव बरामद हुआ था।
मृतक की पहचान जहानाबाद जिले के हुलासगंज निवासी मुरारी शर्मा के पुत्र भानु कुमार के रूप में हुई थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने इस हत्याकांड को समस्तीपुर में अंट्टू ईस्सर के बहादुरपुर स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना से जोड़कर देखना शुरू किया।
पुलिस के दावे के मुताबिक, भानु कुमार का नाम अंट्टू ईस्सर के घर हुई फायरिंग की घटना में सामने आया था। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि भानु की मौत अंट्टू ईस्सर की गोली लगने से हुई थी। इसी आधार पर हाजीपुर कोर्ट से उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी कराया गया। हालांकि, मामले में पुलिस की जांच और अदालत की आगे की कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
17 मार्च की फायरिंग ने भी बढ़ाई थी सनसनी
इस पूरे मामले की एक अहम कड़ी 17 मार्च की फायरिंग की घटना भी है। पुलिस के मुताबिक, कार और बाइक पर सवार कुछ लोगों ने अंट्टू ईस्सर के घर के बाहर फायरिंग की थी। इस घटना में उनके साथी शुभम सिंह उर्फ ईशू घायल हो गए थे। फायरिंग की इस घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं से जांच शुरू की। जांच के दौरान फायरिंग, भानु कुमार की मौत और हाजीपुर में मिले शव के बीच संभावित संबंधों को खंगाला गया।
अब अंट्टू ईस्सर की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले में पुलिस की जांच और पूछताछ अहम मानी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 17 मार्च की फायरिंग, भानु कुमार की मौत और हाजीपुर में शव मिलने की घटनाओं के बीच वास्तविक कड़ी क्या थी।
कमरे का ताला टूटा, फिर थाने पहुंचाए गए
मंगलवार की शाम हुई गिरफ्तारी का घटनाक्रम भी काफी चर्चा में रहा। पुलिस ने पहले मकान की घेराबंदी की, फिर कमरे के अंदर बंद अंट्टू ईस्सर को बाहर निकालने के लिए ताला तोड़ा। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के बाद उन्हें पुलिस टीम नगर थाने लेकर पहुंची।
अब पुलिस की पूछताछ और जांच से इस हत्याकांड से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। फिलहाल अंट्टू ईस्सर की गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।