पटना : जदयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह का गुस्सा पार्टी के विधान परिषद सदस्य और वरिष्ठ नेता नीरज कुमार पर जमकर फूटा है। पार्टी से बाहर किए जाने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखते हुए अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर सीधे हमला बोला। उन्होंने पुराने विवादों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि आखिर नीरज कुमार ने 18 साल में पार्टी के लिए क्या किया है।


अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार लंबे समय से उन्हें गाली देते रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 18 साल तक नीरज कुमार ने उनके खिलाफ बयान दिए और उन्हें गालियां दीं, तब पार्टी ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। अनंत सिंह ने कहा कि उस समय पार्टी खत्म हो हुई थी ? उस समय पार्टी मर गई थी ? लेकिन जब उन्होंने कुछ दिनों के लिए नीरज कुमार के खिलाफ काम किया तो अचानक पार्टी और अनुशासन की बात होने लगी।


अनंत सिंह ने तीखे अंदाज में कहा, "18 साल नीरज कुमार ने जब मुझे गाली दिया तो पार्टी मर गया था क्या? और जब मैं थोड़े दिन के लिए उसके खिलाफ काम किया तो पार्टी कहां से आ गया?" उनके इस बयान से साफ है कि जदयू के भीतर नीरज कुमार के साथ उनका पुराना विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। नीरज कुमार पर हमला बोलते हुए अनंत सिंह ने एक और बड़ा सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा, "नीरज क्या लाकर दे दिया 18 साल में पार्टी को?" अनंत सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब जदयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।


अनंत सिंह ने यह भी साफ किया कि उनके लिए नीरज कुमार या जदयू की कार्रवाई कोई बड़ी चिंता का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी उनके बारे में चिंता न करे। वह जनता के बीच हैं और जनता ही उनके लिए सबसे बड़ी है। अनंत सिंह ने कहा कि जनता ही तय करेगी कि कौन सही है और कौन गलत।


दरअसल, बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आया था। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज समर्थित डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया था, जबकि जदयू की ओर से नीरज कुमार चुनाव मैदान में थे। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों खेमों के बीच बयानबाजी और राजनीतिक तल्खी लगातार बढ़ती गई।


अनंत सिंह ने अब उसी राजनीतिक टकराव के बाद नीरज कुमार पर निशाना साधते हुए अपने पुराने विवादों को भी सामने ला दिया है। उनके बयान से यह संकेत मिल रहा है कि जदयू से निष्कासन के बाद भी नीरज कुमार के साथ उनकी राजनीतिक लड़ाई खत्म होने वाली नहीं है।अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार को बचाने का काम किया था। हालांकि, उन्होंने नीतीश कुमार को लेकर अपना सम्मान बरकरार रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह नीतीश कुमार की बुराई कभी नहीं करेंगे और राजनीति में रहें या नहीं रहें, नीतीश कुमार का सम्मान करते रहेंगे।


लेकिन नीरज कुमार को लेकर अनंत सिंह का तेवर बिल्कुल अलग नजर आया। उन्होंने कहा कि पार्टी में उनके खिलाफ कार्रवाई करने वालों को पहले यह देखना चाहिए कि किसने पार्टी के लिए क्या योगदान दिया है। उनका इशारा साफ तौर पर नीरज कुमार की ओर था।अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है। उनके मुताबिक, कुछ लोग उनकी गलतियां गिनाने में लगे हुए हैं, जबकि उन्होंने जो किया वह सही किया। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर जनता ही इसका जवाब देगी।


नीरज कुमार पर अनंत सिंह के इस हमले के बाद अब सवाल यही है कि क्या दोनों नेताओं के बीच शुरू हुआ यह सियासी टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ेगा? खासकर जदयू से अनंत सिंह के निष्कासन के बाद दोनों के बीच बयानबाजी का सिलसिला किस दिशा में जाता है, इस पर बिहार की राजनीति की नजर रहेगी।